केरल कांग्रेस ने मांगा सीजेआई का इस्तीफा, हम कानून -व्यवस्था संभालने के लिए किसी को ले आएंगे
केरल कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि डियर सूर्यकांत अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें. बीजेपी ने इसे संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बताया
तिरुवनंतपुरम। केरल कांग्रेस ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) का इस्तीफा मांगा है। केरल कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि डियर सूर्यकांत अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें। पार्टी ने आगे कहा कि हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ले आएंगे जो इसे संभाल सके। इस पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को अराजक बताया।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'अराजक कांग्रेस। यह भारत के संविधान का बड़ा अपमान है। कांग्रेस भारत के चीफ जस्टिस को धमका रही है। कांग्रेस को लगता है कि गांधी-वाड्रा परिवार संविधान से ऊपर है। कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं से नफरत करती है।'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कानूनी टीम ने भारतीय चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दाखिल की है। याचिका को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया है। वहीं केरलम विधानसभा ने एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की ओर से पेश किया गया यह प्रस्ताव देश में इस संबंध में संभवत: पहला प्रस्ताव है। सतीशन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'वोट का अधिकार हमारे लोकतंत्र की नींव है। किसी भी संस्था को हमारे नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। मतदान के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए. संविधान का पालन होना चाहिए। लोकतंत्र की जीत होनी चाहिए। केरलम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के पक्ष में मजबूती से खड़ा है।'
प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें मिली हैं और यह लोकतांत्रिक मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मतदाता सूची में संशोधन, पात्र मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रस्ताव में एसआईआर में कथित अनियमितताओं को दूर करने और गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए सभी पात्र मतदाताओं के मतदान के अधिकार तुरंत बहाल करने की मांग की गई।