भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर ब्राह्मण समाज के अग्रणी चेहरों का सम्मान, उठीं बड़ी मांगें

आगरा। भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर विशिष्ट ब्राह्मण परिषद द्वारा ताज लिटरेचर क्लब कार्यालय, बेलनगंज में विप्र गौरव सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और ब्राह्मण समाज की एकजुटता का प्रभावशाली संदेश दिया गया।

Apr 19, 2026 - 19:50
 0
भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर ब्राह्मण समाज के अग्रणी चेहरों का सम्मान, उठीं बड़ी मांगें
भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर विशिष्ट ब्राह्मण परिषद द्वारा ताज लिटरेचर क्लब कार्यालय में रविवार को आयोजित किये गये विप्र गौरव सम्मान समारोह 2026 में मौजूद गणमान्यजन।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गिर्राज दीक्षित, संस्थापक राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष भावना वरदान शर्मा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। अध्यक्ष भावना वरदान शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गिर्राज दीक्षित, विशेष अतिथि के रूप में चारू शर्मा और डॉ. अमिता त्रिपाठी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गिर्राज दीक्षित, चारू शर्मा, डॉ. अमिता त्रिपाठी, अमरीश नाथ को विप्र गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित काव्य संध्या ने माहौल को ओज और भावनाओं से भर दिया। डॉ. अमिता त्रिपाठी ने रामचरितमानस से राम-परशुराम संवाद का भावपूर्ण पाठ किया, जबकि रश्मि जी ने रामधारी सिंह दिनकर की ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ की पंक्तियों से श्रोताओं को रोमांचित कर दिया। काव्य पाठ में कवि कामेश मिश्रा ‘सनसनी’, कवयित्री अलका शर्मा, महक, डॉ. राम प्रकाश चतुर्वेदी सहित अन्य रचनाकारों ने वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम का संचालन आचार्य उमाशंकर ने प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर वेद प्रकाश त्रिपाठी, राकेश शर्मा, हेमलता दीक्षित, नरेंद्र शर्मा, वरदान शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में गिर्राज दीक्षित ने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन में शास्त्र और शस्त्र दोनों का संतुलन है और आवश्यकता पड़ने पर शस्त्र उठाना भी कर्तव्य है। वहीं भावना वरदान शर्मा ने ब्राह्मण समाज की ओर से सरकार के समक्ष ब्राह्मण कन्या छात्रावास, ब्राह्मण युवा रोजगार फोरम और निर्धन कन्या विवाह जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आह्वान किया कि केवल जन्मोत्सव मनाने तक सीमित न रहकर भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor