टैक्सेशन बार एसोसिएशन की आयकर स्टडी सर्किल बैठक में कानूनों की जटिलताओं पर मंथन, आयकर रिटर्न, प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन, टीडीएस रिफंड और एआईएस-टीआईएस पर अधिवक्ताओं को दी गई व्यावहारिक जानकारी
आगरा। टैक्सेशन बार एसोसिएशन, आगरा के सत्र 2026-27 की प्रथम आयकर स्टडी सर्किल बैठक में आयकर कानूनों और प्रक्रियाओं से जुड़े समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञ अधिवक्ताओं ने व्यावहारिक जानकारी साझा की। राज्य कर कार्यालय सभागार, जयपुर हाउस में आयोजित बैठक में आयकर रिटर्न फाइलिंग, प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन, टीडीएस रिफंड, चालान सुधार तथा 26एएस और एआईएस-टीआईएस से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आयकर कानूनों में लगातार हो रहे बदलावों के बीच अधिवक्ताओं का अद्यतन रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम का शुभारंभ टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राज किशोर खंडेलवाल एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अध्यक्ष राज किशोर खंडेलवाल ने कहा कि आयकर कानूनों में प्रतिदिन आने वाली जटिल समस्याओं को सदस्यों के साथ मिलकर सरल रूप में समझाने का स्टडी सर्किल एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वर्तमान समय में अधिवक्ताओं का नए प्रावधानों और प्रक्रियाओं से अद्यतन रहना बेहद जरूरी है।
बैठक का उद्देश्य आयकर कानून एवं प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों पर अधिवक्ताओं को व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ नए प्रावधानों की समझ विकसित करना और पेशेवर अनुभव साझा करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना था। महासचिव अखिलेश भटनागर और आयकर स्टडी सर्किल के कन्वीनर रोहन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का संचालन किया।
बैठक में एडवोकेट अमित उपाध्याय, एडवोकेट सीताराम छाबड़ा और एडवोकेट अवधेश सिंह ने ‘आईटी रिटर्न फाइलिंग’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, विभिन्न प्रकार के रिटर्न, आवश्यक सावधानियों और फाइलिंग के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी दी।
एडवोकेट मनुज शर्मा ने धारा 44AA, 44AB, 44AD, 44ADA और 44AE से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा की। उन्होंने प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन और ऑडिट से जुड़े विषयों को सरल तरीके से समझाया।
एडवोकेट नरेंद्र पाल सिंह ने ‘टीडीएस रिफंड और चालान करेक्शन’ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा चालान में होने वाली त्रुटियों और उनके सुधार की प्रक्रिया को उदाहरणों के साथ समझाया।
आयकर स्टडी सर्किल के को-चेयरमैन एडवोकेट नवीन गर्ग ने ‘26एएस करेक्शन एवं एआईएस/टीआईएस फीडबैक’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि रिटर्न दाखिल करते समय इन स्टेटमेंट का सही परीक्षण अनावश्यक टैक्स डिमांड और भविष्य की जटिलताओं से बचने में सहायक हो सकता है।
सभी वक्ताओं ने विषयों को सरल भाषा, व्यावहारिक उदाहरणों और पेशेवर अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इससे बैठक केवल व्याख्यान तक सीमित न रहकर संवाद और अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम बनी।
कार्यक्रम के अंत में एडवोकेट नवीन गर्ग ने सभी वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टडी सर्किल का उद्देश्य केवल कानून पढ़ना नहीं, बल्कि सीखना, अनुभव साझा करना और उसका प्रभावी उपयोग प्रैक्टिस में करना है। धन्यवाद ज्ञापन आयकर स्टडी सर्किल के वाइस प्रेसिडेंट अनुराग गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल अख्तर खान, जीएसटी वाइस प्रेसिडेंट एडवोकेट प्रमेन्द्र पाल सिंह लोधी, आयकर सचिव राकेश सारस्वत, संयुक्त सचिव शांतनु बंसल, गिरीश अग्रवाल, संचिता अग्रवाल, अभिनव बंसल, रोहित अग्रवाल, यशस्वी अग्रवाल, आरपीएस कुशवाहा, राकेश बाबू गर्ग, अतुल हरि कुलश्रेष्ठ, मोहित जैन, रजनीकांत गुप्ता, सचिन राठौर, राजकुमार गोयल, सतीश गुप्ता, राजीव कुमार सक्सेना, सुभाष अग्रवाल, संजीव वशिष्ठ, रूप किशोर अग्रवाल, अभिनव भटनागर, अक्षय कुमार कुलश्रेष्ठ, अभिषेक बंसल, अवनीश मिश्रा, हृदय कुमार झालानी, विशाल बिंदल, अनिल आदर्श जैन, शशिकांत गुप्ता, हरीश कुमार अग्रवाल, देवेश परिहार, संकेत गौर, राजेंद्र कुमार शर्मा, सतीश कुमार बंसल, मनोज कुमार परिहार, बृजेश शर्मा, राशिद खान, सुनील कुमार सिंह और सुनीता गोलानी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य तथा वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अध्यक्ष भी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक को आयकर कानूनों के निरंतर अध्ययन, सार्थक संवाद और पेशेवर उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।