पुराने जेवर खरीदने का झांसा, सोने के कंगन लेकर फरार, छह घंटे में दबोचे गए तीन आरोपी
आगरा में पुराने आभूषण खरीदने के बहाने ज्वैलर्स से सोने के जेवर लेकर फरार हुए तीन आरोपियों को ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने आभूषणों की जांच कराने का बहाना बनाकर एक साथी को जेवर लेकर भेजा और फिर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने ननूआ उर्फ लियाकत, इमरान उर्फ रहीम और संजय वर्मा को झरना नाला के पास से गिरफ्तार कर चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार ननूआ के खिलाफ आगरा और अलीगढ़ में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
आगरा। ज्वैलर्स से पुराने आभूषण खरीदने का झांसा देकर सोने के जेवर लेकर फरार हुए तीन आरोपियों को ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पहले ज्वैलर्स को भरोसे में लिया और फिर आभूषणों की गुणवत्ता जांच कराने के बहाने एक साथी को जेवर लेकर भेज दिया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसके दोनों साथी भी मौके से निकल गए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
परिचित के जरिए ज्वैलर्स तक पहुंचे आरोपी
घटना 19 अगस्त की शाम की है। ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला कली निवासी सुनील कुमार की वीएसआर ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। सुनील के परिचित संजय वर्मा ने उन्हें बताया कि उसके कुछ परिचित पुराने आभूषण खरीदने का काम करते हैं। संजय की बात पर भरोसा करते हुए सुनील उसके साथ विकास नगर शाहदरा स्थित इमरान उर्फ रहीम के कार्यालय पहुंच गए। वहां इमरान के अलावा ननूआ उर्फ लियाकत भी मौजूद था।
सोने की चूड़ी और ब्रेसलेट पर आरोपियों की नजर
कार्यालय में सुनील ने पुराने आभूषण आरोपियों को दिखाए। बातचीत के दौरान आरोपियों ने सोने की चूड़ी की एक जोड़ी और ब्रेसलेट पसंद कर लिया। जेवर पसंद करने के बाद जब सुनील ने उनकी कीमत का भुगतान करने के लिए कहा तो आरोपियों ने एक नई चाल चल दी। उन्होंने कहा कि आभूषणों की पहले किसी सुनार से जांच कराई जाएगी। इसी बहाने ननूआ उर्फ लियाकत जेवर लेकर कार्यालय से बाहर निकल गया।
जेवर लेकर निकला, फिर वापस नहीं आया
ननूआ के जाने के बाद सुनील काफी देर तक उसके लौटने का इंतजार करते रहे। लेकिन वह वापस नहीं आया। कुछ समय बाद सुनील के साथ कार्यालय पहुंचे संजय वर्मा और इमरान उर्फ रहीम भी वहां से निकल गए। तीनों के गायब होने के बाद सुनील को पूरा मामला समझ में आ गया। उन्हें एहसास हुआ कि आरोपियों ने पुराने आभूषण खरीदने के बहाने उन्हें ठग लिया है।
थाने पहुंची शिकायत, पुलिस ने शुरू की तलाश
सुनील ने 20 अगस्त को ट्रांस यमुना थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी और तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिला।
मुखबिर की सूचना पर झरना नाला के पास घेराबंदी
21 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल तीनों आरोपी झरना नाला के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ननूआ उर्फ लियाकत, इमरान उर्फ रहीम और संजय वर्मा के रूप में की है।
चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद आभूषणों के संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य ज्वैलर्स या व्यापारियों को तो अपना निशाना नहीं बनाया।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ननूआ उर्फ लियाकत का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ आगरा और अलीगढ़ में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस वारदात की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
छह घंटे में गिरफ्तारी से खुला राज
मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। महज छह घंटे के भीतर तीनों आरोपियों के पकड़े जाने से पुलिस को न केवल बरामदगी में सफलता मिली, बल्कि घटना में इस्तेमाल किए गए तरीके का भी खुलासा हुआ।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक विपुल कुमार, अविषेक कुमार, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार तथा कांस्टेबल अनुज कुमार और कपिल कुमार शामिल रहे।