8.65 करोड़ के बकाये पर बड़ी कार्रवाई, उप आविप के एक्सईएन का कार्यालय सील
आगरा में 8.65 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली को लेकर तहसील सदर प्रशासन ने उप आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के कार्यालय समेत आठ चैंबरों को सील कर दिया। 29 आरसी जारी होने के बावजूद बकाया जमा नहीं किया गया था। शनिवार को कुर्की के आदेश पर पहुंची तहसील टीम की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। प्रशासन की सख्ती के बाद कर्मचारियों को बाहर निकालकर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। सील चैंबरों में 500 से अधिक फाइलें रखे होने की जानकारी है।
आगरा। बकाया धनराशि की वसूली को लेकर तहसील सदर प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। 8.65 करोड़ रुपये के बकाये के मामले में उप आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के कार्यालय को सील कर दिया गया। तहसील प्रशासन की टीम ने कार्यालय के साथ कुल आठ चैंबरों पर सील लगाई। कार्रवाई के दौरान परिषद के कर्मचारियों और तहसील प्रशासन की टीम के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। प्रशासन की सख्ती के बाद कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, संबंधित बकाया राशि की वसूली के लिए तहसील प्रशासन की ओर से पहले ही कार्रवाई शुरू की जा चुकी थी। बकाया जमा कराने के लिए कुल 29 आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की गई थीं, लेकिन इसके बावजूद निर्धारित राशि जमा नहीं की गई। लगातार बकाया रहने पर तहसील प्रशासन ने कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए।
इसी क्रम में शनिवार दोपहर तहसील सदर की टीम संबंधित कार्यालय पहुंची। टीम ने पहले बकाया राशि और जारी आरसी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद कार्यालय और उससे जुड़े आठ चैंबरों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही वहां कर्मचारियों की भीड़ जुट गई।
बताया गया है कि सील लगाने के दौरान कर्मचारियों ने कार्रवाई का विरोध किया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। कर्मचारियों और तहसील टीम के बीच कहासुनी के बाद मौके पर तनाव बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर करा दिया और इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई।
सील चैंबरों में 500 से अधिक फाइलें
कार्रवाई के बाद सील किए गए चैंबरों में रखी फाइलों को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। जानकारी के अनुसार, इन चैंबरों में 500 से अधिक फाइलें रखी हुई हैं। अब कार्यालय सील होने के कारण इन फाइलों तक कर्मचारियों की पहुंच भी प्रभावित होगी। इन फाइलों में विभागीय कार्यों और अन्य मामलों से संबंधित अभिलेख होने की बात सामने आई है।
तहसील प्रशासन की कार्रवाई को बकाया वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि की वसूली के लिए जारी आरसी के बावजूद भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई की गई है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद उप आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय में हलचल मची हुई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग की ओर से बकाया राशि जमा कराने और सील किए गए कार्यालय को खुलवाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।