मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण छाता में लॉन्च करेगा बड़ी आवासीय योजना, 117 हेक्टेयर में बसेगा आधुनिक शहर
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) करीब 18 वर्ष बाद अपनी सबसे बड़ी आवासीय योजना लॉन्च करने जा रहा है। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-19) के निकट छाता में विकसित की जा रही 117 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 102 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भूमि अधिग्रहण में उल्लेखनीय प्रगति के बाद प्राधिकरण ने योजना को जल्द बाजार में उतारने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
एमवीडीए ने सितंबर 2024 में इस आवासीय योजना के विकास की प्रक्रिया शुरू की थी। शुरुआती चरण में करीब 15 माह के दौरान दिसंबर 2025 तक 60 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद वर्तमान उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण अभियान में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप बीते सात माह के भीतर कुल अधिग्रहित भूमि बढ़कर 102 हेक्टेयर तक पहुंच गई।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और इसके शीघ्र पूरा होने की संभावना है। इसी के साथ योजना के औपचारिक शुभारंभ की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि छाता आवासीय योजना के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि वृंदावन की रुक्मणि विहार आवासीय योजना के बाद लगभग 18 वर्षों के अंतराल पर प्राधिकरण इतनी बड़ी आवासीय योजना लेकर आ रहा है। इस परियोजना के लिए करीब 350 किसानों की सहमति प्राप्त की गई है।
उन्होंने बताया कि 117 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस आधुनिक टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के अलावा विद्यालय, महाविद्यालय, ग्रुप हाउसिंग, होटल, सुपर मार्केट, अस्पताल, ईडब्ल्यूएस भूखंड एवं आवास, अतिरिक्त शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा अन्य सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। योजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका रणनीतिक स्थान है। प्रस्तावित आवासीय योजना कोकिलावन शनिधाम, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के निकट स्थित है। साथ ही एनएच-19 से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण यह क्षेत्र आवासीय, व्यावसायिक और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राधिकरण का मानना है कि इस योजना के शुरू होने से छाता क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास को गति मिलेगी, स्थानीय लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे और क्षेत्र के आर्थिक एवं व्यावसायिक विकास को भी नया आयाम मिलेगा।