अमृतपुरी मधु नगर जैन मंदिर में गूंजा क्षमावाणी का संदेश, श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु

अमृतपुरी मधु नगर स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर के पदाधिकारियों, समाजबंधुओं और महिला वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्षमावाणी पर्व के दौरान आपसी प्रेम, भाईचारे और क्षमा का संदेश दिया गया। धार्मिक कार्यक्रम के बाद समाज की ओर से वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया।

Oct 4, 2026 - 15:31
 0
अमृतपुरी मधु नगर जैन मंदिर में गूंजा क्षमावाणी का संदेश, श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु
श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु।

श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धूमधाम से मनाया गया क्षमावाणी पर्व, कार्यक्रम के बाद हुआ वात्सल्य भोज

आगरा। अमृतपुरी मधु नगर स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। पर्व के अवसर पर मंदिर परिसर धार्मिक वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और एक-दूसरे से क्षमा मांगकर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।

श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कार्यक्रम में मंदिर के ट्रस्टी मुन्नालाल जैन, संरक्षक ओमप्रकाश जैन वरैया, समिति अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद जैन, महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन, उपमंत्री राहुल जैन, सांस्कृतिक मंत्री जितेंद्र जैन तथा प्रचार मंत्री राहुल जैन 'साड़ी' सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। कलशाभिषेक के धार्मिक आयोजन में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला वर्ग की भी कार्यक्रम में विशेष सहभागिता रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और भगवान पारसनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

क्षमावाणी पर्व ने दिया आपसी सौहार्द का संदेश

क्षमावाणी पर्व जैन समाज में आत्मशुद्धि, क्षमा और आपसी सौहार्द का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर लोगों ने जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी और भविष्य में प्रेम एवं सद्भाव के साथ रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि क्षमावाणी पर्व मनुष्य को अपनी भूलों पर आत्ममंथन करने और दूसरों के प्रति मन में किसी प्रकार का वैर न रखने की प्रेरणा देता है। पर्व का मूल संदेश आपसी कटुता को समाप्त कर प्रेम, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के बाद हुआ वात्सल्य भोज

धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद समाज की ओर से वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई। इसमें श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान समाज के लोगों में आपसी मेलजोल और भाईचारे की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम में संजय, बॉबी, राकेश, विशाल सहित अन्य समाजबंधु एवं महिला वर्ग के सदस्यों ने भी सहभागिता की। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया।