मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द संभव,  हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का जाना तय, नहीं मिला राज्यसभा का टिकट

बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम शामिल नहीं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई है।

Oct 5, 2026 - 22:13
Oct 5, 2026 - 22:29
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मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द संभव,  हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का जाना तय, नहीं मिला राज्यसभा का टिकट


 
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 8 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं दिया गया है। राज्यसभा के उम्मीदवारों की लिस्ट में इन दोनों नेताओं का नाम नहीं होने से एक बार फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। हरदीप पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा को भी बीजेपी ने राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

हरदीप सिंह पुरी को सबसे पहले जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। यह सीट मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसके बाद 26 नवंबर 2020 में इन्हें दोबारा उत्तर प्रदेश से ही निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया था। हरदीप पुरी इसके बाद पहले राज्य मंत्री बनाए गए और फिर 2024 में उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बीजेपी ने जून में रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था तो वहीं कार्यकाल समाप्त होने के बाद जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया था। तब से ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हुई थी। दोनों केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ था। नियम के मुताबिक, किसी भी केंद्रीय मंत्री को पद पर बने रहने के लिए संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य होना अनिवार्य है। ऐसे में यदि किसी मंत्री का कार्यकाल खत्म हो जाता है और उसे दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा जाता तो उसका मंत्री पद छोड़ना तय माना जाता है।

मोदी कैबिनेट में दो ऐसे मंत्री जिन्हें राज्य बीजेपी की कमान सौंपी गई है। पहले हैं पकंज चौधरी जो यूपी बीजेपी के अध्यक्ष हैं और दूसरे हर्ष मल्होत्रा हैं, जिन्हें हाल ही में दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बीजेपी 'एक व्यक्ति-एक पद' फॉर्मूले पर चलती है । ऐसे में ये अटकलें भी लगाई जा रही है कि इन दोनों नेताओं को भी केंद्रीय मंत्री के पद से मुक्त किया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी तक इसे लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है।