‘मीट एट आगरा’ में कारोबार की नई उड़ान, बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स के बीच बनीं नई कारोबारी राहें
18वें ‘मीट एट आगरा’ के दूसरे दिन 8,126 विजिटर्स पहुंचे, जिनमें 3,749 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स और 576 भावी उद्यमी शामिल रहे। बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स के बीच संवाद कार्यक्रम में गुणवत्ता, डिजाइन, सोर्सिंग और समयबद्ध आपूर्ति पर चर्चा हुई। आधुनिक मशीनरी, नए फुटवियर मटेरियल्स और चाइना पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहे। फेयर का अंतिम दिन 5 अक्टूबर को होगा।
आधुनिक मशीनरी, कंपोनेंट्स और चाइना पवेलियन बने आकर्षण का केंद्र, तकनीक, गुणवत्ता और ग्लोबल मार्केट पर मंथन
आगरा। तकनीक, कारोबार और नए व्यावसायिक रिश्तों के संगम के रूप में पहचान बना चुके 18वें ‘मीट एट आगरा’ का दूसरा दिन फुटवियर उद्योग के लिए नई संभावनाओं और कारोबारी संवाद से भरपूर रहा। आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में आयोजित तीन दिवसीय फेयर में रविवार को 8,126 विजिटर्स पहुंचे। इनमें 3,749 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स और 576 भावी उद्यमी शामिल रहे। सुबह से शाम तक फेयर में कारोबारी गतिविधियां तेज रहीं और विभिन्न स्टॉल्स पर आधुनिक मशीनरी, फुटवियर कंपोनेंट्स, मटेरियल्स और नई तकनीकों को लेकर उद्यमियों ने गहरी रुचि दिखाई। फेयर के दूसरे दिन सबसे खास बात यह रही कि यहां केवल उत्पादों और मशीनरी का प्रदर्शन ही नहीं हुआ, बल्कि निर्माताओं, बाइंग एजेंट्स, सप्लायर्स और बाजार से जुड़े लोगों के बीच सीधे संवाद ने इसे वास्तविक कारोबारी मंच का रूप दिया।
बाजार की जरूरतों पर मंथन
दूसरे दिन आयोजित बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स संवाद कार्यक्रम में फुटवियर उद्योग की बदलती जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्पाद की गुणवत्ता, डिजाइन, सोर्सिंग, समयबद्ध आपूर्ति, बाजार की मांग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। बाइंग एजेंट्स ने बाजार की वास्तविक जरूरतों और खरीदारों की अपेक्षाओं को निर्माताओं के सामने रखा, वहीं फैक्ट्री ओनर्स ने उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता सुधार और तकनीकी बदलावों को लेकर अपनी बात रखी। सीधे संवाद से दोनों पक्षों को एक-दूसरे की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में आगरा के पूर्व जीएसटी कमिश्नर ललन कुमार मुख्य अतिथि तथा सीफी के नेशनल प्रेसिडेंट इन्दर छाबड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
ललन कुमार ने कहा कि तकनीक, गुणवत्ता और पारदर्शी कारोबारी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने वाला फुटवियर उद्योग देश के औद्योगिक विकास और निर्यात में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। इन्दर छाबड़ा ने कहा कि निर्माताओं, बाइंग एजेंट्स और बाजार के बीच मजबूत समन्वय भारतीय फुटवियर उद्योग को घरेलू और वैश्विक बाजार में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उद्योग और बाजार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले बाइंग एजेंट्स को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में एल.के. चाहर, रवीश पीपल, वरुण कोचर, संजीव तिवारी, दिव्यांशु मित्तल, दलजीत सिंह, सचित कुमार, मुकेश गोस्वामी, पवन शर्मा, सौरव गौतम, वेद प्रकाश यादव, पंकज यादव, अविरल उपाध्याय, रिकी अग्रवाल, राजीव जैन, विकास कुमार, राजेश राणा, इरफान फरीदी, चंद्रवीर सिंह चौहान, पंकज सिंह और अनीत पचौरी शामिल रहे।
इसके साथ ही रोजगार सृजन, राजस्व बढ़ाने, ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को गति देने, देश में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और निर्यात के माध्यम से भारत के निर्यात लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देने वाले फैक्ट्री ओनर्स को भी सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात क्षमता बढ़ाने में फैक्ट्री ओनर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे उद्यमियों का सम्मान उद्योग में नई ऊर्जा पैदा करने के साथ अन्य कारोबारियों को भी उत्पादन और निर्यात विस्तार के लिए प्रेरित करता है।
नई मशीनरी और तकनीक ने खींचा उद्यमियों का ध्यान
फेयर में फुटवियर निर्माण से जुड़ी आधुनिक मशीनरी, नए मटेरियल्स, कंपोनेंट्स और उत्पादन तकनीकों को देखने के लिए बड़ी संख्या में उद्यमी पहुंचे। विजिटर्स ने प्रदर्शकों से तकनीक की उत्पादन क्षमता, लागत, गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोग को लेकर सीधे जानकारी ली। उद्यमियों की दिलचस्पी इस बात में भी रही कि नई तकनीक को अपनाकर उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ लागत को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है। कई स्टॉल्स पर कारोबारी इंक्वायरी और संभावित कारोबारी साझेदारी को लेकर बातचीत होती रही।
चाइना पवेलियन में सोर्सिंग और तकनीकी सहयोग की तलाश
हॉल-B स्थित चाइना पवेलियन दूसरे दिन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। चीन से आए प्रदर्शकों ने फुटवियर कंपोनेंट्स, मटेरियल्स और आधुनिक मशीनरी का प्रदर्शन किया। भारतीय उद्यमियों ने इन उत्पादों को करीब से समझा और उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा उत्पादन लागत को लेकर जानकारी ली। भारतीय और चीनी कारोबारियों के बीच सोर्सिंग, तकनीकी सहयोग और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं को लेकर भी बातचीत हुई। इससे फेयर का दायरा केवल घरेलू कारोबार तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय कारोबारी सहयोग की दिशा में भी आगे बढ़ता दिखाई दिया।
‘तकनीक को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना लक्ष्य’
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि ‘मीट एट आगरा’ का उद्देश्य केवल नई तकनीक का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि उसे उद्योग की वास्तविक जरूरतों और कारोबार से जोड़ना है। बाइंग एजेंट्स और फैक्ट्री ओनर्स के बीच सीधा संवाद इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एफमेक कन्वीनर पूरन डावर ने कहा कि भारतीय फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तकनीक, गुणवत्ता, डिजाइन और बाजार की जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। निर्माता, सप्लायर, खरीददार और तकनीक प्रदाता का एक मंच पर आना उद्योग के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। फेयर ऑर्गनाइजिंग कमेटी की चेयरपर्सन माला खेड़ा ने कहा कि दूसरे दिन बिजनेस विजिटर्स की उत्साहजनक भागीदारी और प्रदर्शकों के साथ सीधे संवाद ने आयोजन को वास्तविक कारोबारी मंच के रूप में और मजबूत किया है।
दूसरे दिन पहुंचे 8,126 विजिटर्स
दूसरे दिन फेयर में कुल 8,126 विजिटर्स की सहभागिता दर्ज की गई। इनमें 3,749 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स और 576 भावी उद्यमी शामिल रहे। आंकड़े बताते हैं कि फुटवियर क्षेत्र में नई तकनीक, आधुनिक उत्पादन प्रणाली और कारोबारी विस्तार को लेकर उद्यमियों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
कल आखिरी मौका, सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खुलेगा फेयर
तीन दिवसीय 18वें ‘मीट एट आगरा’ का 5 अक्टूबर को अंतिम दिन होगा। आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में फेयर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विजिटर्स के लिए खुला रहेगा। अंतिम दिन भी आधुनिक मशीनरी, फुटवियर कंपोनेंट्स, मटेरियल्स और तकनीकी समाधानों को देखने के साथ कारोबारियों को नए व्यावसायिक संपर्क बनाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में एफमेक के उपाध्यक्ष राजीव वासन और राजेश सहगल, फेयर ऑर्गनाइजिंग कमेटी की चेयरपर्सन माला खेड़ा, महासचिव प्रदीप वासन, सचिव अनिरुद्ध तिवारी, कोषाध्यक्ष चंद्र मोहन सचदेवा और पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख आंकड़े
कुल विजिटर्स: 8,126
पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स: 3,749
भावी उद्यमी: 576
फेयर का अंतिम दिन: 5 अक्टूबर
समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक