केवी शाला से निकले कविता के नए सितारे, डॉ. कुमार विश्वास ने सौंपा हिंदी कविता को नया स्वर, 21 युवा रचनाकारों को मिला राष्ट्रीय मंच, सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर नवोदित कवियों ने बिखेरी प्रतिभा

आगरा। हिंदी कविता की नई पीढ़ी को मंचीय संस्कार, रचनात्मक दृष्टि और अभिव्यक्ति का नया आत्मविश्वास देने के उद्देश्य से आयोजित केवी शाला 2.0 के दूसरे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। आगरा के ताज होटल एवं कन्वेंशन सेंटर में 2 अगस्त से 7 अगस्त तक चले इस सात दिवसीय आवासीय शिविर में देशभर से चयनित 21 युवा रचनाकारों ने कविता लेखन, मंचीय प्रस्तुति, भाषा, उच्चारण, संवाद कौशल और व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

Aug 7, 2026 - 22:44
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केवी शाला से निकले कविता के नए सितारे, डॉ. कुमार विश्वास ने सौंपा हिंदी कविता को नया स्वर, 21 युवा रचनाकारों को मिला राष्ट्रीय मंच, सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर नवोदित कवियों ने बिखेरी प्रतिभा
केवी शाला 2.0 के दूसरे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के गुरुवार को आगरा में समापन समारोह में बोलते प्रख्यात कवि कुमार विश्वास।

युवा कवियों के प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में पहुंचे यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबिता सिंह चौहान और कवि कुमार विश्वास।

समापन समारोह का मुख्य आकर्षण युवा कवियों का विशेष कवि सम्मेलन रहा, जिसमें हिंदी कविता के लोकप्रिय हस्ताक्षर और केवी शाला के सर्जक डॉ. कुमार विश्वास ने प्रशिक्षित युवा रचनाकारों को आगरा के साहित्यप्रेमियों और आमंत्रित श्रोताओं के बीच मंच प्रदान किया। नवोदित कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और देर तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।

हजारों प्रविष्टियों में से चुनी गईं 21 प्रतिभाएं

केवी शाला के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के लिए देशभर से युवा रचनाकारों की हजारों वीडियो प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। वरिष्ठ कवियों की चयन समिति ने इन सभी प्रविष्टियों का गहन विश्लेषण करने के बाद 21 प्रतिभाशाली कवि-कवयित्रियों का चयन किया। चयनित प्रतिभागियों को सात दिनों तक कविता की बारीकियों से लेकर मंच संचालन और श्रोताओं से संवाद स्थापित करने तक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इस दौरान युवा रचनाकारों को युग-कवि डॉ. कुमार विश्वास के मार्गदर्शन में कविता लेखन, काव्य पाठ, रचना संपादन, भाषा एवं उच्चारण, मंचीय अनुशासन और प्रस्तुति कौशल के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया।

वरिष्ठ कवियों ने दिया रचनात्मक मार्गदर्शन

प्रशिक्षण शिविर में काव्य जगत के कई प्रतिष्ठित हस्ताक्षरों ने विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में भाग लिया। इनमें वरिष्ठ कवि सुरेंद्र शर्मा, विनीत चौहान, प्रियांशु गजेंद्र, श्रीमती सरिता शर्मा, रमेश मुस्कान, कुलदीप अंगार, सुदीप भोला, ज्ञान प्रकाश आकुल और अंकिशा श्रीवास्तव सहित अनेक साहित्य एवं संगीत जगत की हस्तियां शामिल रहीं।

विशेषज्ञों ने निर्धारित सत्रों के अतिरिक्त प्रतिभागियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी दिया और उन्हें मंचीय कविता की बारीकियों से अवगत कराया।

युवा कवियों को डॉ. कुमार विश्वास ने स्वयं दिया मंच

समापन समारोह में डॉ. कुमार विश्वास ने प्रशिक्षण प्राप्त युवा रचनाकारों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए विशेष कवि सम्मेलन आयोजित कराया। चयनित दस युवा कवि-कवयित्रियों को उन्होंने स्वयं मंच पर प्रस्तुत किया।

युवा रचनाकारों ने अपनी रचनाओं में प्रेम, संवेदना, सामाजिक सरोकार और समकालीन विषयों को स्वर दिया। उनकी प्रस्तुति और काव्य कौशल को श्रोताओं ने खूब सराहा।

योगेंद्र उपाध्याय ने की केवी शाला की पहल की सराहना

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने युवा रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि केवी शाला जैसी पहल देश की नई साहित्यिक प्रतिभाओं को दिशा, प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबिता सिंह चौहान ने भी केवी शाला की सराहना की और नवोदित कवियों को शुभकामनाएं दीं।

कविता संवेदना, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति : डॉ. कुमार विश्वास

केवी शाला के सर्जक डॉ. कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने युवा कवियों को निरंतर अध्ययन, लेखन और मंचीय अनुशासन बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि हिंदी कविता का भविष्य नई पीढ़ी के समर्पित और संवेदनशील रचनाकारों के हाथों में सुरक्षित है।

पहले संस्करण के प्रतिभागी बना चुके हैं पहचान

यह केवी शाला का दूसरा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर था। इससे पहले आयोजित प्रथम शिविर के कई प्रतिभागी आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित काव्य मंचों पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। दूसरे संस्करण ने भी नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान किया।

कई संस्थाओं का मिला सहयोग

राष्ट्रीय आयोजन के सफल संचालन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, इंडियन ऑयल, न्यूट्रिका, विश्वास ट्रस्ट, डिजिटल खिड़की, ताज आगरा होटल, ब्लूबर्ड इवेंट्स प्रा. लि., ट्रूआरई (ओरियाना पावर लिमिटेड) तथा इनवर्जी सहित अनेक संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

आयोजकों ने सहयोगी संस्थाओं, साहित्यप्रेमियों, आमंत्रित श्रोताओं और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदी कविता के भविष्य को तैयार करने का अभियान

आयोजकों के अनुसार, केवी शाला केवल मंचीय कवि तैयार करने का प्रयास नहीं है, बल्कि ऐसे संवेदनशील, अध्ययनशील और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रचनाकार तैयार करने का अभियान है, जो हिंदी कविता की गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।

दूसरे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर की सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकती है।

SP_Singh AURGURU Editor