श्रीकृष्ण लीला समिति की नई टीम घोषित, विजय रोहतगी फिर बने महामंत्री; महिला प्रकोष्ठ भी होगा गठित
आगरा। वर्ष 1924 से लगातार श्रीकृष्ण लीला का मंचन कर रही श्री कृष्ण लीला समिति आगरा ने आगामी आयोजनों की तैयारियों के बीच नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने विजय रोहतगी पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। नई कार्यकारिणी में आयोजन, व्यवस्था, वित्त, मीडिया और युवा गतिविधियों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। समिति जल्द ही महिला प्रकोष्ठ का गठन करने के साथ आगामी श्रीकृष्ण लीला से जुड़े कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगी।
समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए शेखर गोयल को लीला संयोजक, संजय गर्ग ‘बड़े भाई’ को कोषाध्यक्ष, अशोक गोयल को व्यवस्था प्रमुख, गिर्राज बंसल को कार्यक्रम प्रभारी और आयुष बंसल को यूथ ब्रिगेड की जिम्मेदारी दी है। तनु गुप्ता को मीडिया प्रभारी तथा बृजेश अग्रवाल को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
नई कार्यकारिणी में विष्णु अग्रवाल, संजय अग्रवाल गोदरेज, संजय चेली, विनीत सिंघल, अनूप गोयल, अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा, पंकज मोहन शर्मा, लक्ष्मण शर्मा, वीरेंद्र कुमार, मनोज बंसल, मनोज गोयल, केके अग्रवाल, के.सी. अग्रवाल, मनीष शर्मा, अमित अग्रवाल, जवाहर लाल जी सिंघल, प्रभात रोहतगी, आशु रोहतगी और राहुल चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार कार्यकारिणी का विस्तार आगे भी किया जा सकता है।
समिति के मुख्य संरक्षक प्रमुख समाजसेवी डॉ. विजय किशोर बंसल होंगे। मार्गदर्शक मंडल में सांसद नवीन जैन, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक विजय शिवहरे, गजेंद्र शर्मा, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनोज बंसल, राजीव अग्रवाल (साकेत) और राकेश गर्ग को शामिल किया गया है।
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि समिति में शीघ्र ही महिला प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी श्रीकृष्ण लीला से जुड़े कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य करीब एक सदी से चली आ रही ऐतिहासिक श्रीकृष्ण लीला की परंपरा को और भव्य स्वरूप देना तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है।
इससे पहले मनीष अग्रवाल के सरस्वती शिशु मंदिर का अध्यक्ष बनने पर समिति के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में समिति अपनी ऐतिहासिक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।