बच्चों के पेट और लिवर पर पैकेज्ड फूड-मोबाइल की मार, मेडिकल कैंप में विशेषज्ञ ने अभिभावकों को चेताया

आगरा। बदलती जीवनशैली, पैकेज्ड और जंक फूड के बढ़ते सेवन, मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और शारीरिक गतिविधियों की कमी से बच्चों में कब्ज, पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी उम्र में बिस्किट, चिप्स, कुरकुरे जैसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की आदत और अनियमित दिनचर्या बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही है। इन समस्याओं के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रताप नगर स्थित गर्भधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में निशुल्क पीडियाट्रिक मेडिकल कैंप आयोजित किया गया।

Aug 19, 2026 - 20:29
 0
बच्चों के पेट और लिवर पर पैकेज्ड फूड-मोबाइल की मार, मेडिकल कैंप में विशेषज्ञ ने अभिभावकों को चेताया
प्रताप नगर स्थित गर्भधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में बुधवार को आयोजित निःशुल्क पीडियाट्रिक मेडिकल कैंप में बच्चों की स्वास्थ्य जांच करते डॉ. अर्जुन मारिया। साथ हैं शिविर के आयोजक।

श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट एवं अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के सहयोग से आयोजित इस शिविर में आगरा में पहली बार बच्चों में गैस्ट्रोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी से जुड़ी समस्याओं की जांच और परामर्श दिया गया। बाल गैस्ट्रोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन मारिया ने कुल 25 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान लिवर, गैस्ट्रो और पाचन तंत्र से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की गई तथा अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव दिए गए।

कब्ज की समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत

डॉ. अर्जुन मारिया ने बताया कि बच्चों में गैस्ट्रो और लिवर संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जन्म से किसी गंभीर समस्या के बिना स्वस्थ बच्चों में भी आगे चलकर लिवर संबंधी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। इसका एक बड़ा कारण बदलती जीवनशैली और खान-पान है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में बढ़ती कब्ज की समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि 0 से 12 वर्ष तक के बच्चों में कब्ज की समस्या आम होती जा रही है। माता-पिता अनजाने में छोटी उम्र से ही बच्चों को बिस्किट, चिप्स, कुरकुरे और अन्य पैकेज्ड फूड आसानी से उपलब्ध करा देते हैं। इन खाद्य पदार्थों के लगातार सेवन के साथ बच्चों की शारीरिक सक्रियता भी कम हो रही है, जिसका असर उनके पाचन तंत्र पर पड़ रहा है।

मोबाइल ने बिगाड़ी बच्चों की दिनचर्या

डॉ. मारिया ने मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल को भी बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं का महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण बच्चे देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाने के लिए भागते हैं। नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों का अभाव और असंतुलित खान-पान धीरे-धीरे पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में पेट, पाचन या लिवर से जुड़ी किसी भी समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

फल-सब्जियां और खेलकूद को दिनचर्या में शामिल करें

डॉ. अर्जुन मारिया ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को पैकेज्ड एवं जंक फूड से दूर रखें। उनके भोजन में ताजे फल, सब्जियां, पर्याप्त पानी और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं। बच्चों की दिनचर्या में खेलकूद और पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ उनकी पर्याप्त नींद भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

आगे भी लगाए जाएंगे निशुल्क शिविर

अशोक अग्रवाल एवं रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और अभिभावकों में जागरूकता के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर में राजीव जैन, राजकुमार गर्ग, निधि अग्रवाल, आशीष गर्ग, ललित कुमार, नरेंद्र अग्रवाल, सचिन गोयल, संगीता जैन, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor