मिडिल ईस्ट की जंग से डरा पाकिस्तान, असीम मुनीर होर्मुज स्‍ट्रेट के पास तैनात कर रहे नौसेना, पाक में ऊर्जा लंकट पर हाहाकार

पाकिस्तान ने ऊर्जा संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी नौसेना को तैनात किया है। इसका मकसद पाकिस्तान के लिए ऊर्जा आयात करने वाले जहाजों को एस्कार्ट करना है। पाकिस्तान इन दिनों भीषण ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। इस कारण देश में बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

Mar 10, 2026 - 21:04
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मिडिल ईस्ट की जंग से डरा पाकिस्तान, असीम मुनीर होर्मुज स्‍ट्रेट के पास तैनात कर रहे नौसेना, पाक में ऊर्जा लंकट पर हाहाकार

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नौसेना ने देश में मचे हाहाकार के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर शुरू किया है। इसका मकसद होर्मुज जडडमरूमध्य में फंसे पाकिस्तानी व्यापारिक जहाजों को एस्कॉर्ट करना है, ताकि देश के ऊर्जा संकट को दूर किया ज सके। फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि इसके लिए दो युद्धपोतों को तैनात किया गया है। पाकिस्तान इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। इस कारण देश में तेल और गैस की भारी कमी हो गई है। सरकार ने बड़े पैमानै पर डीजल और पेट्रोल की कटौती करने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों के वेतन में कटौती करते हुए उनके विदेश दौरों पर भी रोक लगा दी गई है।

पाकिस्तानी सेना के प्रॉपगैंडा विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, पाकिस्तानी नौसेना पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन  के साथ मिलकर एस्कॉर्ट ऑपरेशन चला रही है। घोषणा के समय, पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत दो व्यापारी जहाजों को एस्कॉर्ट कर रहे थे, जिनमें से एक उसी दिन कराची पहुंचने वाला था। पाकिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण शुरू किया गया है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए लाइफलाइन माना जाता है। पाकिस्तान का लगभग 90% समुद्र के रास्ते होता है। पाकिस्तान एनर्जी इंपोर्ट के लिए भी बहुत हद तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर है। इसमें तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस दोनों शामिल हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान को अपने एनर्जी आपूर्ति को बहाल करने के लिए नौसेना को तैनात करना पड़ा है। हालांकि, इस दौरान पाकिस्तानी नौसेना कोई कॉम्बैट ऑपरेशन नहीं करेगी, बल्कि वह मैरीटाइम सिक्योरिटी मिशन को अंजाम देगी।

पाकिस्तान ने अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए तुगरिल-क्लास (टाइप 054A/P) फ्रिगेट और यारमूक-क्लास ऑफशोर पेट्रोल वेसल को तैनात किया है। पाकिस्तानी नौसेना के पास चार तुगरिल-क्लास फ्रिगेट हैं, जिन्हें 2022 और 2023 के बीच कमीशन किया गया था। इन फ्रिगेट का डिस्प्लेसमेंट 4200 टन है। ये युद्धपोत सीएम-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों, LY-80N सरफेस-टू-एयर मिसाइलों  के लिए 32-सेल वर्टिकल लॉन्च सिस्टमऔर टाइप 1130 क्लोज-इन वेपन सिस्टम से लैस हैं। वहीं, यारमूक-क्लास ऑफशोर पेट्रोल वेसल को लगातार समुद्री गश्त, निगरानी और मौजूदगी के ऑपरेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है।