बरेली में पल्लवी पटेल का बड़ा ऐलान- यूजीसी बिल, जातिगत जनगणना और आरक्षण मुद्दों पर यूपी का विधान सभा चुनाव लड़ेगा अपना दल (कमेरावादी)
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच अपना दल (कमेरावादी) की वरिष्ठ नेता एवं विधायक पल्लवी पटेल ने बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी यूजीसी बिल, जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय जैसे अहम मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
बरेली के मीरगंज में आयोजित मंडलीय सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के हितों के खिलाफ काम कर रही हैं।
सरकार की नीतियों पर सीधा हमला
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि सरकार की नीतियां समाज के कमजोर वर्गों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विफल रही है, जिसका सीधा असर सामाजिक समरसता पर पड़ रहा है।
यूजीसी नियमों पर उठाए सवाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई। पल्लवी पटेल ने कहा कि वर्तमान नियम शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं और इसका सीधा प्रभाव छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से शिक्षा क्षेत्र में ठोस सुधारात्मक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसी नीतियां समाज में असमानता को और बढ़ावा दे रही हैं।
पंचायत चुनाव टालने के आरोप
पंचायत चुनाव में देरी को लेकर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। उनका आरोप था कि सरकार और मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
आरक्षण और जातिगत जनगणना पर जोर
पल्लवी पटेल ने पिछड़े वर्ग को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता और संसाधनों पर कुछ ही लोगों का कब्जा है, जिससे सामाजिक न्याय प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने जल्द जातिगत जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे हर वर्ग की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसी आधार पर उनकी हिस्सेदारी तय की जा सकेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 27 हजार सरकारी स्कूल बंद करने की तैयारी में है, जिससे गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चों की शिक्षा की चिंता करनी चाहिए, लेकिन वह इसके उलट फैसले ले रही है।
बुद्धिजीवियों से आगे आने की अपील
पल्लवी पटेल ने कहा कि सामाजिक आंदोलनों की कमी के कारण दलित और पिछड़ा वर्ग कमजोर हुआ है। उन्होंने बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे आगे आकर वंचित वर्गों की आवाज उठाएं और समाज को मजबूत बनाने में योगदान दें।
इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष सुभाष पटेल, रामपुर जिलाध्यक्ष अमरपाल एडवोकेट, महानगर अध्यक्ष पंडित नितिन गौर, महासचिव हर्षित पटेल, पीलीभीत जिला अध्यक्ष प्रेम सागर पटेल और मंडल अध्यक्ष आनंद मोहन पटेल प्रमुख रूप से शामिल रहे।