बरेली की ई-बसों में तीन गुना बढ़ी यात्रियों की संख्या, ‘नो व्हीकल डे’ और महंगे ईंधन ने बदली तस्वीर

-आरके सिंह- बरेली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने बरेली में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदल दी है। शहरवासियों ने अब निजी वाहनों की बजाय ई-बस सेवा को अपनी पहली पसंद बनाना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि शहर में संचालित ई-बसों में दैनिक यात्रियों की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ गई है और बसें यात्रियों से खचाखच भरकर चल रही हैं।

May 25, 2026 - 12:52
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बरेली की ई-बसों में तीन गुना बढ़ी यात्रियों की संख्या, ‘नो व्हीकल डे’ और महंगे ईंधन ने बदली तस्वीर
नौ व्हीकल डे पर ई-बस में यात्रा करते बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में बरेली प्रशासन ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शनिवार और सोमवार को “नो व्हीकल डे” घोषित किया है, जिसका असर अब सड़कों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह स्वयं अपने आवास से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं और अधिकारियों के साथ इलेक्ट्रिक बस से मीरगंज तहसील तक यात्रा कर हरित ऊर्जा अपनाने का संदेश दे चुके हैं। प्रशासन की इस पहल का असर यह हुआ कि शहर के ग्रीन पार्क, पवन विहार, पशुपतिनाथ कॉलोनी, महानगर क्षेत्र और रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कर्मचारी व आम नागरिक तेजी से ई-बस सेवा की ओर आकर्षित हुए हैं।

बरेली सिटी बस सर्विसेज की प्रबंध संचालक मनीषा दीक्षित ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के चलते ई-बसों में यात्रियों की संख्या में दोगुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में महानिदेशक नगरीय बस सेवा के आदेश पर 25 ई-बसों का संचालन नगर निगम सीमा के भीतर शुरू किया गया था। इसके लिए तीन प्रमुख रूटों पर 60 स्टॉपेज तय किए गए थे।

एक जनवरी 2026 से न्यूनतम तीन किलोमीटर तक का किराया 12 रुपये से घटाकर मात्र पांच रुपये कर दिया गया, जिसके बाद यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी और अब प्रतिदिन करीब 6400 यात्री ई-बसों में सफर कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इसे भीषण गर्मी का असर भी मान रहे हैं, क्योंकि वातानुकूलित ई-बसों में सफर करना लोगों को राहत दे रहा है।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी सुधांशु शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में भी “नो व्हीकल डे” लागू किया गया है। प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कम से कम निजी वाहनों का प्रयोग करने की अपील की है ताकि ईंधन बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।

तहसील दिवस में जिलाधिकारी के साथ परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डिप्टी आरएमओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता समेत कई अधिकारी इलेक्ट्रिक बस में मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor