आगरा के पिनाहट में राजा भदावर के किराएदार ने खुद को मालिक दिखाकर दुकान बेटे के नाम कर दी, फर्जी दानपत्र पर गवाही देने वाला शादाब हुसैन गिरफ्तार

आगरा। पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भदावर की पिनाहट स्थित संपत्तियों में से एक दुकान को किराएदार द्वारा कथित तौर पर अपना मालिकाना हक बताते हुए बेटे के नाम दानपत्र किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि किराएदार दिनेश कुमार गुप्ता ने खुद को दुकान का मालिक दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इसी आधार पर दुकान अपने बेटे राजीव कुमार के नाम दानपत्र कर दी। इस कथित फर्जीवाड़े में दानपत्र पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले शादाब हुसैन को पिनाहट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

Aug 12, 2026 - 20:49
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आगरा के पिनाहट में राजा भदावर के किराएदार ने खुद को मालिक दिखाकर दुकान बेटे के नाम कर दी, फर्जी दानपत्र पर गवाही देने वाला शादाब हुसैन गिरफ्तार
पिनाहट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया शादाब हुसैन।

जानकारी के अनुसार दुकान पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भदावर की बताई गई है। दिनेश कुमार गुप्ता इस संपत्ति का किराएदार के रूप में उपयोग कर रहा था। आरोप है कि उसने किराएदार होने के बावजूद स्वयं को दुकान का मालिक दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद दुकान का दानपत्र अपने बेटे राजीव कुमार के नाम कर उसे संपत्ति का मालिक दर्शाने का प्रयास किया।

बताया गया है कि कथित फर्जी दानपत्र में शादाब हुसैन पुत्र जफर हुसैन, निवासी मोहल्ला सुनरट्टी, बाह, आगरा ने गवाह के रूप में गवाही दी थी। संपत्ति से संबंधित इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भदावर को होने के बाद उनकी किराए की संपत्तियों की देखरेख करने वाले केयरटेकर की ओर से थाना पिनाहट में मुकदमा दर्ज कराया गया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी क्रम में पिनाहट पुलिस ने चेकिंग के दौरान कथित तौर पर फर्जी दानपत्र में गवाही देने वाले शादाब हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने और संपत्ति को दानपत्र के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम किए जाने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

मामले में दिनेश कुमार गुप्ता और उसके बेटे राजीव कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस दस्तावेजों की सत्यता, दानपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व और किरायेदारी से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor