पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को लगाया फोन, पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा, कई अन्य नेताओं से भी बात

ईरान-इजाराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की है। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को लेकर कूटनीति पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने संवाद की ओर लौटने पर जोर दिया। पीएम मोदी लगातार दूसरे देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी बात की।

Mar 19, 2026 - 19:40
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पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को लगाया फोन, पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा, कई अन्य नेताओं से भी बात

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत को लेकर पीएम मोदी ने खुद अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी है। पीएम मोदी ने इससे पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी बात की। इस दौरान भी उन्होंने पश्चिम एशिया में संकट पर चर्चा की।

पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की। उन्होंने इसकी जानकारी भी अपने एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस से बात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस से कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर कूटनीतिक जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार समर्थन देने हेतु मैंने उनका आभार व्यक्त किया।''

ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।