पीएम मोदी ने दिया पूरे विश्व को संदेश, भारत पांच नए परमाणु संयंत्र बनाएगा, छात्रों को मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिलेगी
पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते समय पाकिस्तान को टेंशन दे दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के 2047 के लक्ष्य के बारे में बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों से बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़कर महान बनता है। पीएम ने कहा छात्रों को फ्री कोचिंग की सुविधा देंगे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले से देश को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा का भी जिक्र किया। उन्होंने ऐसी बात कह दी, जो पाकिस्तान को डरा सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ती है। एनर्जी सिक्योरिटी हमारे समय की मांग है। हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर पर चल रहे काम के बारे में बताया।
ये रिएक्टर पूरे हो जाते हैं तो भारत के पास 29 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर हो जाएंगे। वर्तमान में भारत के पास 24 सक्रिय परमाणु ऊर्जा रिएक्टर हैं, इनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 8.78 गीगावाट (8,780 मेगावाट) है। जबकि, पाकिस्तान इस मामले में भारत से बहुत पीछे है। पाकिस्तान के पास महज 6 एक्टिव न्यूक्लियर पावर रिएक्टर हैं। अगर भारत 5 नए रिएक्टर और बना लेता है तो पाकिस्तान इस फील्ड में भारत से काफी पिछड़ जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। आज हर दिल 'वंदे मातरम' की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने इस मौके पर सेमी कंडक्टर से क्रिटिकल मिनरल्स तक, चिप, AI और डेटा सेंटर, हर मुद्दे को उठाया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि सभी राजनीतिक दलों से आह्वान है कि महिला आरक्षण विधेयक लागू करवाएं।
पीएम मोदी ने किया 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ उस 'सप्त धारा' के सामर्थ्य से, उसकी शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई और गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाले सामर्थ्य देंगे। इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का भी भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा, उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी।आने वाले दिनों में जब मैं सप्त धारा की बात करता हूं तो उसकी पहली शक्ति है मैन्यूफैक्चरिंग पावर... इस सप्त धारा की दूसरी शक्ति है, कृषि और खाद्य उत्पादन... मेरी सप्त धारा की तीसरी शक्ति है, प्रौद्योगिकी और नवाचार... सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति शक्ति... हमारी पांचवी सप्त धारा की शक्ति रक्षा बल है... हमारी सप्त धारा की छठी शक्ति है, ग्रीन इकॉनमी और ब्लू इकॉनमी... हमारी सप्त धारा की सांतवीं धारा है और दुनिया के लिए इसका अपना भी महत्व है जो है, भारत की 'सॉफ्ट पावर'..."
100 गीगावाट का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी का बड़ा माध्यम परमाणु ऊर्जा है। इसलिए हमने संसद में शांति एक्ट पास करके एक नए लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता तय कर लिया है। 2047 हम 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इस एक दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है। इस साल भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नॉलॉजी में महारत हासिल करके एक अहम पड़ाव पार किया है। इसके कारण परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ी सफलता का कदम हमने रख दिया है।
पीएम मोदी बोले- हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि समय हमारा है, संकल्प हमारा है। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और देश के संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए। हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिनाइयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभरकर सामने आता है। कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।
विकसित भारत का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का एक बड़ा सपना है: 2047 तक विकसित बनाना, जो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से प्रेरित हो। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश एक विकसित देश बनने का लक्ष्य तय करता है, तो यह दुनिया को एक मजबूत संदेश देता है और दुनिया के भारत को देखने के नजरिए को बदल रहा है। मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, इन मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है उस सामर्थ्य का हिस्सा है। सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी की युवाओं से खास अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।
जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष को सुना दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर देश को संबोधित करते हुए विपक्ष को जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं। हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्षों में हमें कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। सारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कोरोना से बाहर निकले तो युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं। कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया। हर जगह तनाव का माहौल। और पता नहीं भविष्यवक्ताओं ने तो क्या-क्या घोषणाएं कर दी थीं।
'देश को डराना-भयभीत करना, कई लोगों को इसमें आनंद आता है'
पीएम मोदी ने कहा कि देश को डराना, देश को भयभीत करना, देश को चिंतित रखना, इसी में कई लोगों को आनंद आता है। सारी दुनिया भर की अफवाहें फैलाकर, भारत के लोगों को भयभीत करने का, डराने कर, चिंता में डुबो देने में कुछ लोगों को आनंद आ रहा था लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं और हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भव: के मंत्र को लेकर जीते हुए, भारत ने जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि ये संकट आएगा लेकिन संकट के समय में ये सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवादी सोच ने नीतियों को प्रभावित किया। हथियारी नक्सल तो गए, दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। समाज को गलत रस्ते पर ले जाने के रास्ते खोज रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है लेकिन रुकने का कारण सोच की सीमाएं होती हैं। जब सोच बंध जाती है, सीमाओं में सड़ने लग जाती है तब हम अपने सामर्थ्य को भी पहचान नहीं पाते हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है और हमारी गलत सोच के कारण है।
पीएम ने आगे कहा कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे, हमने समुद्री तट पर, 99% हमारा समुद्री तट का पूरा हिस्सा ऐसी सोच के कारण 'नो-गो एरिया' घोषित कर रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर अन्वेषण न करने का निर्णय कर लिया था। ये सोच का दायरा था। हमने फैसला किया कि ये नहीं चल सकता। हमने उस 99 प्रतिशत क्षेत्र को 'गो-अहेड एरिया' के रूप में खुला कर दिया है। हम समुद्र के भीतर भी नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
'पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयरकंडीशनर चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा लेकिन पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया। जहां से ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वो आवाजें सुनाई नहीं देती है... लेकिन दुर्भाग्य से इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला है। दुनिया अपने पास जो कुछ भी है उसे वेपनाइज्ड करने में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज्ड, पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा है। ऐसे समय अगर हम आत्मनिर्भर के मंत्र को लेकर 10 साल सही दिशा में न चले होते तो हम ऐसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कैसे करते।
पीएम मोदी ने बताया कैसे पॉवर हाउस बन रहा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना है भारत को दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। हमें अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी। इसीलिए, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। हर भारतीय 'मेक-इन-इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' अभियानों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्रई ने कहा कि पिछले 12 सालों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। मॉडर्न रेलवे कोच का प्रोडक्शन 21 गुना बढ़ा है। इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े हैं।
एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है, नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है। वो सपना है कि जब 1947 में आजादी के 100 साल होंगे, तो हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है। अब एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमें चिप, AI और डेटा सेंटर के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ेगी।
'एनर्जी सिक्योरिटी समय की मांग'
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी हमारे समय की मांग है। इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं। एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर हमें वैकल्पिक स्रोतों की ओर भी पूरी शक्ति लगाना बहुत जरूरी है और इसलिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल बढ़ाते हुए भारत इसी दिशा में आज तेजी से काम कर रहा है।
'आज 1.75 करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम'
पीएम ने कहा कि 2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले, हमारे देश में केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। ये होती है रफ्तार। 2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचती थी। आज 1.75 करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम होता है।
पीएम मोदी बोले- हमने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी। हमारे यहां भी बातें होती थी लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लान हम आगे नहीं बढ़ा पाए। आज की डिजिटल दुनिया और तकनीक में हम चिप का महत्व समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य है। इसके बिना दुनिया थम जाए ऐसी स्थिति पैदा होती है। इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया है। 3 प्लांट शुरू हो गए हैं। आने वाले 7-8 साल में और प्लांट शुरू होने वाले हैं।
'बीते 12 वर्ष में 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर निकले'
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने एक संकल्प के साथ, समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर प्रकार से प्रयास किया है। मैं उनके इन प्रयासों को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं। उसी का परिणाम है कि इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी को परास्त करके उससे बाहर निकले हैं।
'भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा'
पीएम मोदी ने कहा कि कभी हमें 'फ्रैजाइल फाइव' (कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं) में गिना जाता था। लेकिन, सिर्फ 12 सालों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। आजादी के बाद भारत के बड़े सपने थे, लेकिन तरक्की अक्सर उस रफ्तार से नहीं हो पाई जिसकी हमने उम्मीद की थी। आज भारत अभूतपूर्व तेजी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। और अब, कोई भी ताकत 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को रोक नहीं सकती।
'नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन दिए'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए, हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए, हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचाल्य बनाने का काम किया, हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया, देश ने गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया... सैकड़ों की तादाद में कानूनों को खत्म किया। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती।
मेट्रो विस्तार पर ये बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया... ये सब, ये रफ्तार, ये विस्तार, ये उपलब्धी आजादी के बाद पहली बार पिछले 1 दशक में देखी है। जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने है, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है तब तो 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है। ये सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं।
लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा
पीएम मोदी ने कहा कि देश आज उन महान सपूतों का पुण्य स्मरण करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग और बलिदान की पराकाष्ठा की। अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी थी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष मनाया जा रहा है, तब इससे बेहतर अवसर कुछ नहीं हो सकता।
पीएम ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति जताई संवेदना
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भू-स्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए। उनके दुःख-दर्द को हम भलीभांति अनुभव करते हैं। पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जो भी लोग इस समारोह में उपस्थित हैं, उन सबके लिए एक ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद, 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम्' गूंज रहा है।