आगरा चिकित्सक अपहरणकांड में दो बदमाशों को ढेर करने वाली पुलिस टीम को वीरता पदक, तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी समेत पांच पुलिस अधिकारी कर्मचारी सम्मानित

जुलाई 2021 में आगरा के चिकित्सक डॉ. उमाकांत गुप्ता के अपहरण के बाद जगनेर के कछपुरा जंगल में बदमाशों से हुई मुठभेड़ में दो अपहरणकर्ताओं को ढेर करने वाली पुलिस टीम के तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी समेत पांच पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।

Aug 14, 2026 - 22:15
 0
आगरा चिकित्सक अपहरणकांड में दो बदमाशों को ढेर करने वाली पुलिस टीम को वीरता पदक, तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी समेत पांच पुलिस अधिकारी कर्मचारी सम्मानित
डीआईजी मुनिराज जी।

एसपी सत्यजीत गुप्ता और इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार।

-गौरव प्रताप सिंह-

आगरा। जुलाई 2021 में ट्रांस यमुना कॉलोनी के नर्सिंग होम संचालक चिकित्सक डॉ. उमाकांत गुप्ता के अपहरण के बाद जगनेर के कछपुरा जंगल में साहसिक मुठभेड़ में दो अपहरणकर्ताओं को ढेर करने वाली पुलिस टीम के पांच सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस पर वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें उस समय मुठभेड़ का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी सहित पुलिस के पांच अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। सम्मान पाने वालों में तीन अधिकारी-कर्मचारी वर्तमान में आगरा से बाहर तैनात हैं, जबकि दो पुलिसकर्मी वर्तमान में आगरा में ही तैनात हैं।

हनीट्रैप में फंसाकर किया था चिकित्सक का अपहरण

ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित एक नर्सिंग होम के मालिक डॉ. उमाकांत गुप्ता को जुलाई 2021 में मंगला नाम की युवती ने कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाया था। युवती के बुलाने पर पहुंचे चिकित्सक का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और चिकित्सक को सुरक्षित बरामद करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी।

जांच के दौरान पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू की। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जगनेर क्षेत्र के कछपुरा जंगल में बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दस्यु केशव गुर्जर के गुर्गे बदन सिंह और अक्षय मारे गए थे। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था।

तत्कालीन एसएसपी ने किया था मुठभेड़ का नेतृत्व

इस अभियान का नेतृत्व उस समय आगरा के एसएसपी रहे मुनिराज जी ने किया था। वर्तमान में वह मुरादाबाद रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात हैं। उस समय एसपी पश्चिम रहे सत्यजीत गुप्ता भी इस कार्रवाई का हिस्सा थे। वर्तमान में वह कानपुर में डीसीपी के पद पर तैनात हैं।

वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल प्रशांत कुमार और हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी भी शामिल हैं। इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार वर्तमान में एडीजी कार्यालय में तैनात हैं, जबकि हेड कांस्टेबल प्रशांत कुमार एसटीएफ की आगरा यूनिट में तैनात हैं। हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात हैं।

सर्विलांस में माहिर माने जाते हैं नरेंद्र कुमार

इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार को पुलिस महकमे में सर्विलांस का माहिर माना जाता है। मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले नरेंद्र कुमार वर्ष 1999 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। आगरा में उन्होंने एत्माद्दौला, न्यू आगरा, सदर और जगनेर थानों के प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है।

उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए उन्हें 26 जनवरी 2020 को सिल्वर कमेंडेशन डिस्क से भी सम्मानित किया जा चुका है। चिकित्सक अपहरणकांड में बदमाशों के खिलाफ की गई कार्रवाई और साहसिक मुठभेड़ के लिए अब उन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर होगा सम्मान

उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। चिकित्सक अपहरणकांड में बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने वाली पुलिस टीम के सदस्यों को दिया जा रहा वीरता पदक आगरा पुलिस की उस कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अपहृत चिकित्सक को बचाने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने जोखिम उठाया था।

SP_Singh AURGURU Editor