आलू किसान बेहाल, भूमि अधिग्रहण पर भी गुस्सा; भाकियू की चेतावनी-समस्याएं नहीं सुलझीं तो सड़कों पर होगा आंदोलन

आगरा। आलू की लागत के मुकाबले लाभकारी मूल्य न मिलने, सरकारी खरीद की व्यवस्था नहीं होने, कोल्ड स्टोरेज भाड़े में राहत न मिलने और भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता की कमी समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने आवाज बुलंद की है। संगठन की बैठक में किसानों की आर्थिक बदहाली, बिजली के भारी-भरकम बिल, खाद की उपलब्धता और भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

Aug 21, 2026 - 17:52
Aug 21, 2026 - 17:53
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आलू किसान बेहाल, भूमि अधिग्रहण पर भी गुस्सा; भाकियू की चेतावनी-समस्याएं नहीं सुलझीं तो सड़कों पर होगा आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन की बैठक मांग पत्र सौंपते प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा। साथ हैं जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा ने कहा कि आलू किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आलू का लाभकारी मूल्य 1,500 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने, सरकारी स्तर पर आलू की खरीद शुरू करने और कोल्ड स्टोरेज के भाड़े में किसानों को राहत देने की मांग की।

उन्होंने छोटे और किर्री आलू की भी सरकारी खरीद की व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया। साथ ही बंद पड़ी आलू प्रोसेसिंग यूनिट को चालू कराने तथा किसानों को ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) में विशेष राहत देने की मांग की गई।

आलू किसान समन्वय समिति बनाने की मांग

भाकियू ने ‘आलू किसान समन्वय समिति’ गठित करने की मांग की। संगठन का कहना है कि समिति में वास्तविक आलू किसानों और किसान संगठनों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि आलू उत्पादन और विपणन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किसानों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जा सके।

बैठक में बिजली से जुड़े मामलों पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। संगठन ने टोरेंट पावर के भारी-भरकम बिजली बिलों की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही किसानों के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।

भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता और उचित मुआवजे की मांग

किसानों की जमीन के अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। भाकियू ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। संगठन ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा ने कहा कि किसान लगातार विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। यदि सरकार और संबंधित विभागों ने समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने की, जबकि संचालन जिला प्रवक्ता नत्थू सिंह धाकरे ने किया।

बैठक में कांतीराम जादौन, युवा प्रकोष्ठ मंडल अध्यक्ष विपिन यादव, जिला उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह चाहर, रणजीत सिंह रघुवंशी, तहसील अध्यक्ष फतेहाबाद कृष्णकांत शर्मा, तहसील अध्यक्ष एत्मादपुर अनुरोध प्रताप सिंह, तहसील अध्यक्ष बाह अनुज प्रताप सिंह गुर्जर, तहसील अध्यक्ष खैरागढ़ संदीप शर्मा, तहसील अध्यक्ष किरावली अर्जुन सिंह छोकर, ब्लॉक अध्यक्ष बरौली अहीर हरेंद्र सिंह, शमशाबाद ब्लॉक अध्यक्ष आकाश जादौन, फतेहाबाद ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सिंह तोमर, अमन यादव, राहुल यादव, जय किशन कटरा, मंडल उपाध्यक्ष अजय शास्त्री, अभिषेक तरोलिया, बनवारी लाल तोमर, अनिल दुबे, श्री भगवान शर्मा, रवींद्र कटारा, कन्हैयालाल जादौन, करतार सिंह चौधरी, मुन्नालाल आरेला, उदयभान सिंह चौहान, पवन पराशर, नीरज दिवाकर, कांति प्रसाद निषाद, दाताराम यादव, महाराज सिंह जसावत और रामवीर सिंह सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor