उपजातियों के नाम वाले गांवों के नाम बदलने की तैयारी, बरेली में तहसीलों से मांगी गई जानकारी

-आरके सिंह- बरेली। प्रदेश में अनुसूचित जाति की विभिन्न उपजातियों के नाम पर रखे गए गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व परिषद के निर्देश पर बरेली जिला प्रशासन ने ऐसे गांवों की पहचान और उनके नए नाम के प्रस्ताव तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। शासन से 27 जुलाई को मिले पत्र के बाद तहसीलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रस्तावित नए नाम संबंधित ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों की राय से तय किए जाएंगे और इसके बाद प्रस्ताव मंडलायुक्त के माध्यम से राजस्व परिषद को भेजे जाएंगे।

Aug 15, 2026 - 13:35
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उपजातियों के नाम वाले गांवों के नाम बदलने की तैयारी, बरेली में तहसीलों से मांगी गई जानकारी

तहसीलों को गांवों की जानकारी जुटाने के निर्देश

एडीएम वित्त एवं राजस्व एसके सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त पत्र के क्रम में जिले की सभी तहसीलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अनुसूचित जाति की उपजातियों के नाम पर रखे गए गांवों की पहचान कर उनके नाम बदलने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। इसके लिए तहसील स्तर पर ऐसे गांवों की जानकारी जुटाई जा रही है।

2,070 राजस्व गांवों में होगी पड़ताल

जिला प्रशासन के अनुसार बरेली जिले में 1,188 ग्राम पंचायतें और 2,070 राजस्व गांव हैं। तहसील स्तर से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इनमें से कितने गांवों के नाम अनुसूचित जाति की उपजातियों के नाम पर रखे गए हैं। चिन्हित गांवों के लिए अलग-अलग नाम परिवर्तन प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

नाम तय होने के बाद इन प्रस्तावों को मंडलायुक्त के माध्यम से राजस्व परिषद को भेजा जाएगा। अंतिम प्रक्रिया शासन स्तर पर निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी होगी।

खुली बैठक में तय होगा गांव का नया नाम

प्रशासन के अनुसार गांवों के नए नाम सीधे तय नहीं किए जाएंगे। संबंधित ग्राम पंचायतों में खुली बैठक आयोजित कर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत सदस्यों से नाम को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। बैठक में विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से गांव के लिए उपयुक्त नाम का चयन किया जाएगा।

इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर से चयनित नाम का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की राय को प्रमुखता दी जाएगी।

इन गांवों के नाम भी सूची में शामिल

जिला प्रशासन ने ऐसे कई गांवों की जानकारी जुटाई है, जिनके नाम सामान्य बोलचाल में अटपटे माने जाते हैं। इनमें मिलैया, बिहारीपुर, गरीबपुरा, मुरसौली, चारी, धनौर, जागीर, धमरी, गुलड़िया लेखराज, रसूलनगर, महोरा, शरीफनगर, सिमरावा, मुकुटिया, टिगरी, संग्रामपुर, सुल्तानपुर, जियानगला, नियामापुर और खाता आदि नाम शामिल बताए गए हैं।

प्रशासन अब इन नामों की स्थिति और नाम परिवर्तन के दायरे में आने वाले गांवों की जानकारी तहसील स्तर से जुटा रहा है। इसके बाद ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में नए नामों पर चर्चा कर प्रस्ताव आगे भेजे जाएंगे।

शासन के निर्देश के बाद शुरू हुई कवायद

गांवों के नाम बदलने की यह कवायद राजस्व परिषद के निर्देश के बाद शुरू हुई है। 27 जुलाई को शासन से पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तहसीलों को प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor