भीषण तूफान से थमा रेल यातायात: रोजा-लखनऊ रेलखंड पर ओएचई ठप, साढ़े तीन घंटे बाद बहाल हुआ संचालन, पेड़ और मलबा गिरने से रेल लाइनें हो गईं थीं बाधित, दस ट्रेनें हुईं प्रभावित
-आरके सिंह- बरेली। रोजा-लखनऊ रेलखंड पर बीती रात आए भीषण तूफान और तेज आंधी ने रेल यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। लखनऊ-दिल्ली अप रेल लाइन पर कई स्थानों पर पेड़, टिन शेड और मलबा गिरने से ओएचई प्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो गई, जिसके चलते करीब साढ़े तीन घंटे तक ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। घंटों यात्री ट्रेनों में फंसे रहे और कई स्थानों पर पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं तक के लिए परेशान होते दिखाई दिए।
तेज तूफान के चलते लखनऊ से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें बीच रास्ते में खड़ी हो गईं। रेलवे अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों ने देर रात युद्धस्तर पर मरम्मत अभियान चलाया, जिसके बाद सुबह लगभग छह बजे के बाद रेल संचालन को दोबारा सुचारु किया जा सका।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल महेश यादव ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की रात आए भीषण तूफान, तेज हवाओं तथा विभिन्न स्थानों पर पेड़ों और मलबे के गिरने के कारण मुरादाबाद मंडल के कई रेलखंडों में ओएचई प्रणाली प्रभावित हुई, जिससे रेल संचालन बाधित हो गया। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से रोजा-लखनऊ रेलखंड में कई स्थानों पर ओएचई उपकरण क्षतिग्रस्त हुए और ट्रिपिंग की घटनाएं सामने आईं।
मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव के त्वरित निर्देश पर वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (कर्षण वितरण) सचिन कुमार के नेतृत्व में टीआरडी कर्मचारियों की टीम ने प्रभावित रेलखंडों पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया। रेलवे टीमों ने पूरी रात अभियान चलाकर क्षतिग्रस्त ओएचई संरचनाओं को दुरुस्त किया और सुरक्षित रेल संचालन बहाल कराया।
तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित रेलखंडों में बिलपुर–मीरनपुर कटरा यार्ड, रोजा यार्ड, पीआरपीएम यार्ड, रोजा–बांथरा रेलखंड और कौड़ा–बेहटागोकुल यार्ड शामिल रहे। इन क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने, टिन शीट उड़कर ओएचई संरचनाओं से टकराने और भारी मलबा गिरने से विद्युत प्रणाली क्षतिग्रस्त हो गई थी। रेलवे सूत्रों के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत कार्य 45 मिनट से लेकर 3 घंटे 11 मिनट तक चला।
महेश यादव ने बताया कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इनमें गाड़ी संख्या 14207, 12229, 14241, 12231, 12429, 15043, 15011, 12557, 22419 और 12371 शामिल रहीं। ट्रेनों के लंबे समय तक रुके रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता, तकनीकी दक्षता और समन्वित प्रयासों से आखिरकार क्षतिग्रस्त ओएचई संरचनाओं की मरम्मत कर रेल संचालन को सुरक्षित और सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आए आंधी-तूफान में भी बरेली और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही हुई थी। उस दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में पेड़ तथा बिजली के पोल धराशायी हो गए थे। अब एक बार फिर तेज तूफान ने रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।