दुबई फ्लाइट में भिड़े रूस-यूक्रेन के पायलट, इजरायल ने बचाया, हवा में हुई चाकूबाजी

बुधवार को फ्लाईदुबई के दुबई-तेल अवीव उड़ान भरने वाले एक विमान (एफजेड1073) की सऊदी अरब में इमर्जेंसी लैंडिंग कराई गई। इजरायल ने कहा है कि इस विमान को एक पायलट ने हाईजैक करने की कोशिश की थी। इस दौरान विमान के दोनों पायलटों के बीच खून-खराबा भी हुआ था। बताया जाता है कि चाकूबाजी की घटना हुई। इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं।

Sep 30, 2026 - 19:39
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दुबई फ्लाइट में भिड़े रूस-यूक्रेन के पायलट, इजरायल ने बचाया, हवा में हुई चाकूबाजी

तेल अवीव। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल आ रहे एक यात्री विमान को बुधवार को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए विमान के अपहरण की आशंका पैदा हो गई। इस कारण इजरायल को अपने लड़ाकू विमान भेजने पड़े। इजरायली मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह घटना विमान के दोनों पायलटों के बीच विवाद के कारण हुई। विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित थे। विमान सऊदी अरब के तबूक में उतरा, जहां नागरिक और सैन्य हवाई अड्डा है।

'फ्लाईदुबई' के विमान ने उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद आपात स्थिति का संकेत भेजा था। यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उड़ान निगरानी संबंधी आंकड़ों से मिली। दुबई से उड़ान भरने के लगभग ढाई घंटे बाद यह विमान एक ही मिनट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आकर 17,000 फीट पर पहुंच गया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'फ्लाइटराडार24' के अनुसार, इसके बाद विमान ने जॉर्डन की सीमा के पास अजीब तरीके से चक्कर लगाया और आखिर में करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबूक शहर में उतरा।

घटना की जानकारी रखने वाले एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि विमान के कॉकपिट में संभवत: पायलटों के बीच झगड़ा हुआ था। अधिकारी ने कहा कि यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि झगड़े की वजह क्या थी एक अन्य अधिकारी ने पुष्टि की कि इजरायल ने अपने लड़ाकू विमान रवाना कर दिए थे, क्योंकि उसे विमान के अपहरण की आशंका थी। विमान में उसके कई नागरिक सवार थे। दोनों अधिकारियों ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर जानकारी दी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल के दिनों में बिना कोई विशेष विवरण दिए सुरक्षा संबंधी बढ़े हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी है। नेतन्याहू के कार्यालय ने बाद में कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और इजराइल यात्रियों को स्वदेश वापस लाने का इंतजाम कर रहा है।

व्यक्तिगत कारणों से विमान को आपात स्थिति में उतारने की घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन ऐसा पहले भी हुआ है। वर्ष 2022 में जिनेवा से पेरिस जा रही एयर फ्रांस की उड़ान के दौरान कॉकपिट में आपस में मारपीट करने के बाद दो पायलटों को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, उस विमान को अपना मार्ग बदलने की जरूरत नहीं पड़ी थी और वह निर्धारित गंतव्य पर ही उतरा था।

विमान में सवार यात्रियों ने इजराइल के 'चैनल 12' को फोन पर बताया कि उन्होंने विमान के अगले हिस्से की ओर से यात्रियों को चिल्लाते हुए सुना। इन यात्रियों ने पायलटों के बीच हुई कहासुनी की आवाजें सुनी थीं। यात्रियों के अनुसार, सऊदी अरब में उतरने से पहले विमान अचानक काफी नीचे की ओर झुक गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सभी यात्री विमान के अंदर ही हैं और उनके आसपास सऊदी सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी है।

'फ्लाईदुबई' ने बाद में पुष्टि की कि इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे 'बेन गुरियन' जा रही उसकी उड़ान 'एफजेड 1073' में एक तकनीकी/आपात घटना हुई, जिसके बाद बुधवार को इसे सऊदी अरब के तबूक शहर में सुरक्षित उतारा गया। विमानन कंपनी ने कहा, 'हमारी टीम संबंधित प्राधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। जैसे ही इस बारे में और पुख्ता जानकारी मिलेगी, आगे का ब्योरा साझा किया जाएगा।' उड़ान की निगरानी करने वाली वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, यह विमान 'बोइंग 737 मैक्स 8' मॉडल का था।

फ्लाईदुबई, अमीरात एयरलाइंस की कम लागत वाली सहयोगी विमानन कंपनी है। इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के 2020 में संबंध सामान्य होने के बाद से दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक उड़ानें संचालित होती रही हैं। किफायती सेवाएं देने वाली इस विमानन कंपनी के बेड़े में पूरी तरह से 'बोइंग 737' श्रृंखला के ही विमान शामिल हैं। दो इंजन और एकल-गलियारे (विमान के भीतर बीच में चलने का केवल एक रास्ता) वाले इस विमान का इस्तेमाल दुनिया भर की विमानन कंपनियों द्वारा व्यापक रूप से किया जाता है। कंपनी के पास ऐसे लगभग 100 विमान हैं, जिनमें से 69 विमान केवल 'मैक्स 8' मॉडल के हैं।

दुबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जहां से इस विमान ने उड़ान भरी थी, पश्चिम एशिया का सबसे व्यस्त और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। इसने बीते वर्ष रिकॉर्ड 9.52 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि 1960 और 1970 के दशक में फलस्तीनी चरमपंथियों द्वारा की गई विमान अपहरण और विमानों पर हमलों की कई घटनाओं में इजरायली नागरिकों को निशाना बनाया गया था।

इजरायल में पिछले कई दशकों से विमान अपहरण की कोई घटना नहीं हुई है और वह दुनियाभर में हवाई अड्डों की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले देशों में से एक है। इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच वर्ष 2020 में कूटनीतिक संबंध सामान्य होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच व्यावसायिक (कमर्शियल) उड़ानों का संचालन हो रहा है।