आगरा से राजगढ़ तक गूंजेगी छत्रपति शिवाजी की शौर्यगाथा, 1253 किमी की ‘गरुड़ झेप’ यात्रा का आगाज

आगरा में शिव चातुर्य दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक आगरा मुक्ति की स्मृति में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। आगरा कॉलेज में हुए आयोजन में यूपी और महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 1253 किलोमीटर लंबी ‘गरुड़ झेप’ यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी गई, जिसमें 1000 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल होंगे। कार्यक्रम में ‘गरुड़ झेप’ पुस्तक एवं पोर्टल का विमोचन हुआ। वहीं कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी में करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से शिवाजी संग्रहालय और स्मारक विकसित करने तथा 100 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई। मराठी कलाकारों ने शिव शौर्य नाटक, हलगी वादन और पारंपरिक युद्धकला का प्रदर्शन कर कार्यक्रम में वीरता और शौर्य का रंग भर दिया।

Aug 16, 2026 - 20:07
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आगरा से राजगढ़ तक गूंजेगी छत्रपति शिवाजी की शौर्यगाथा, 1253 किमी की ‘गरुड़ झेप’ यात्रा का आगाज
आगरा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदि।

शिव चातुर्य दिवस पर आगरा कॉलेज में भव्य आयोजन, 1000 धावक और 100 साइकिल सवार होंगे शामिल; कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य शिवाजी संग्रहालय

आगरा। छत्रपति शिवाजी महाराज की अदम्य वीरता, युद्ध कौशल, कार्यकुशलता और हिंदवी स्वराज्य की संकल्प शक्ति को स्मरण करते हुए आगरा में ‘शिव चातुर्य दिवस’ के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के साथ महाराष्ट्र से आए शिवाजी महाराज के सेनापतियों के वंशजों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

17 अगस्त 1666 को मुगल शासक औरंगजेब की कैद से छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से निकलने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में पिछले सात वर्षों से ‘गरुड़ झेप’ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी आगरा से राजगढ़ तक करीब 1253 किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में करीब 1000 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल होंगे। चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा शिवाजी महाराज के शौर्य, रणनीति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाएगी।

माल्यार्पण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम तथा एमटीडीसी के डायरेक्टर नीलेश गटनी ने छत्रपति शिवाजी महाराज और भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर श्री समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान आगरा की ओर से सभी अतिथियों का महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप साफा पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

‘शिवाजी और राणा की वीरगाथा किताबों में क्यों नहीं पढ़ाई गई’

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी कार्यकुशलता, युद्ध क्षमता और अद्भुत रणनीति के बल पर औरंगजेब की कड़ी निगरानी को धता बताते हुए आगरा से निकलकर इतिहास में असाधारण अध्याय जोड़ा। उन्होंने कहा कि हजारों सैनिकों की निगरानी के बावजूद शिवाजी महाराज का अपने पुत्र के साथ आगरा से निकल जाना उनकी अद्भुत रणनीतिक क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक इतिहास में हिंदू शासकों और भारतीय साम्राज्यों की शौर्यगाथाओं को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। “हमारे शिवाजी महान, हमारे राणा महान—यह सब हमें किताबों में क्यों नहीं पढ़ाया गया?” उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारत के वीर योद्धाओं के पराक्रम और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराना जरूरी है।

कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य शिवाजी संग्रहालय

योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इतिहासकारों के शोध के आधार पर कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी को छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति से जोड़ते हुए संग्रहालय और स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां करीब 100 फुट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से करीब 9 करोड़ रुपये की धनराशि जिला प्रशासन को अवमुक्त की जा चुकी है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज की वीरता, युद्ध कौशल, कार्यकुशलता और उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह स्मारक उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ आगरा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

महाराष्ट्र के मंत्री बोले-शिवाजी ने अन्याय के खिलाफ खड़ा किया हिंदवी स्वराज्य

महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासक ने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान कर उन्हें बंदी बनाया, लेकिन शिवाजी महाराज ने अपनी युद्धकला, रणनीतिक क्षमता और कार्यान्वयन कौशल से मुगल सत्ता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए नौ करोड़ रुपये की राशि देकर महाराष्ट्र और मराठी समाज के प्रति सम्मान का परिचय दिया है। यह स्मारक दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करेगा।

‘शिव चातुर्य दिवस’ को आनंद दिवस के रूप में मनाएगा महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने संकट की परिस्थितियों में धैर्य, साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ‘शिव चातुर्य दिवस’ को आनंद दिवस के रूप में मनाने की दिशा में काम करेगी, ताकि शिवाजी महाराज के जीवन और उनके पराक्रम से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके।

‘गरुड़ झेप’ पुस्तक और पोर्टल का विमोचन

आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘गरुड़ झेप’ मुहिम की पुस्तक एवं पोर्टल का विमोचन भी किया गया। पिछले सात वर्षों से गरुड़ झेप संस्था आगरा से राजगढ़/रायगढ़ तक पैदल एवं अन्य माध्यमों से यात्रा निकालकर छत्रपति शिवाजी महाराज की आगरा मुक्ति की ऐतिहासिक घटना को स्मरण करती आ रही है। यात्रा के संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पहली बार जब यह यात्रा निकाली गई थी तो इसे पूरा करने में करीब 35 दिन लगे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 22 किलोग्राम वजन भी कम किया था। इस बार यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी।

नाटक और युद्धकला ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्धकला और शौर्य परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया। गोवा ओमिडा डांस एवं फिटनेस एकेडमी के कलाकारों ने ‘शिव शौर्य’ नाटक की प्रस्तुति देकर छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष और पराक्रम को मंच पर जीवंत कर दिया। पुणे के प्रसिद्ध संगीतकार विनायक सोनावने ने हलगी वादन की प्रस्तुति देकर सदियों पुरानी महाराष्ट्र की लोककला की झलक प्रस्तुत की। वहीं सुप्रसिद्ध कलाकार शायली जोशी गोडबोले ने ‘राष्ट्र माता जीजाबाई’ नाटक की प्रस्तुति दी। महिला कलाकारों ने तलवारबाजी और लाठी कला का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। युद्धकला की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार में जोश और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया।

चार राज्यों के 78 शहरों से गुजरेगी 1253 किमी की यात्रा

गरुड़ झेप यात्रा के संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि इस बार यात्रा आगरा से शुरू होकर करीब 1253 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राजगढ़ तक पहुंचेगी। यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें करीब 1000 धावक और 100 साइकिल सवार हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक घटना को याद करना नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, रणनीति और स्वराज्य की भावना को समाज और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।

शिवाजी महाराज के सेनापति वंशजों की भी सहभागिता

कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए करीब 100 सदस्यीय दल ने भाग लिया। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशज भी शामिल रहे। गरुड़ झेप मुहिम के अध्यक्ष मारुति गोले, उपाध्यक्ष दिग्विजय सर जे राव सहित अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है कि जिस आगरा से शिवाजी महाराज ने अपनी अद्भुत रणनीति के बल पर मुगल कैद से निकलकर स्वराज्य की ओर प्रस्थान किया था, उसी आगरा में उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए भव्य संग्रहालय और स्मारक विकसित किया जा रहा है।

समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान ने किया स्वागत

समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान की ओर से गरुड़ झेप यात्रा का महाराष्ट्र की पारंपरिक शैली में भव्य स्वागत किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय ने कहा कि हिंदुत्व, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाले महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति को आगरा से जोड़ने वाली इस यात्रा का स्वागत करना संस्था के लिए गौरव की बात है।

यह रहे मौजूद

कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए शिवाजी महाराज के सेनापति वंशजों के अलावा कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, मंत्री जयकुमार रावल, शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, एमटीडीसी डायरेक्टर नीलेश गटनी, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम, डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, केके भारद्वाज, दीप विनायक पटेल, एडवोकेट मंगल सिंह, विकास सिंह, करण सिंह धाकड़, देवेश पचौरी, राजेश प्रजापति, ललित शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।