उम्र को मात देती वरिष्ठजनों की मस्ती, ‘रंग-ए-जिंदगी’ में गीत-नृत्य से सजा जिंदगी का हर पड़ाव, बचपन से वृद्धावस्था तक की जीवन यात्रा को मंच पर उतारा
आगरा। उम्र बढ़ने के साथ जिंदगी की रफ्तार थमने की धारणा को दरकिनार करते हुए वरिष्ठजनों ने गीत, संगीत और नृत्य के जरिए साबित किया कि जिंदगी का असली रंग उम्र में नहीं, बल्कि उमंग में है। अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस की पूर्व संध्या पर आई सर्व खुशियों के पल संस्था की ओर से खंदारी बाईपास रोड स्थित एक होटल में आयोजित ‘रंग-ए-जिंदगी—द ब्यूटीफुल जर्नी ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम में वरिष्ठजनों ने अपनी प्रस्तुतियों से जीवन के अलग-अलग पड़ावों को जीवंत कर दिया। ‘सेलिब्रेटिंग द पास्ट, एनरिचिंग द प्रेजेंट, इंस्पायरिंग द फ्यूचर’ थीम पर हुए आयोजन में बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक ने प्रतिभा दिखाई, जबकि प्रीति डांस एकेडमी की प्रस्तुतियों ने भी समां बांधा।
कार्यक्रम में जीवन के विभिन्न चरणों- बचपन, किशोरावस्था, मध्य आयु और वृद्धावस्था को गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर उतारा गया। वरिष्ठजनों ने कभी बचपन की मासूमियत को याद किया तो कभी युवावस्था की उमंगों को गीत और नृत्य के जरिए जीवंत किया। भावपूर्ण गीतों, आकर्षक नृत्य और मनोरंजक गतिविधियों ने मौजूद लोगों को अपनी जीवन यात्रा के सुनहरे पलों से दोबारा जोड़ दिया।
गीतों की मधुर धुनों पर वरिष्ठजनों के कदम थिरके तो पूरा वातावरण तालियों और मुस्कुराहटों से गूंज उठा। कार्यक्रम में फन एंड लाफ्टर, मीनिंगफुल कन्वर्सेशन, टुगेदरनेस एंड सेलिब्रेशन का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रतिभागियों ने आपस में अनुभव साझा किए और सकारात्मक सोच तथा अपनों के साथ को जीवन के हर पड़ाव पर खुश रहने की सबसे बड़ी ताकत बताया।
वरिष्ठजनों के लिए आत्मीय परिवार तैयार करना उद्देश्य
संस्था के संयोजक अनुराग जैन ने बताया कि आई सर्व खुशियों के पल संस्था से सभी उम्र के लोग जुड़े हुए हैं, लेकिन संस्था विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के लिए कार्य करती है। संस्था का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि वरिष्ठजनों को एक-दूसरे से जोड़कर ऐसा आत्मीय परिवार तैयार करना है, जहां सुख-दुख में सभी एक-दूसरे का हाथ थामकर साथ खड़े रहें।
उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से समय-समय पर सदस्यों को पिकनिक और अन्य गतिविधियों पर ले जाया जाता है। किसी सदस्य के बीमार होने या किसी परेशानी में होने पर एक फोन कॉल पर संस्था के सदस्य उसके साथ पहुंचते हैं।
अनुराग जैन ने कहा कि वरिष्ठ होना जीवन का विराम नहीं, बल्कि अनुभवों से समृद्ध एक नया अध्याय है। बीते वर्षों की यादों को संजोते हुए वर्तमान को उत्साह के साथ जीना और आने वाली पीढ़ी को सकारात्मक सोच की प्रेरणा देना ही आयोजन का उद्देश्य है। खुश रहने के लिए किसी उम्र की जरूरत नहीं होती, जरूरत अपने भीतर के उत्साह को जीवित रखने की होती है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के विभिन्न संगठनों और ग्रुप को भी संस्था से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक वरिष्ठजन इस आपसी जुड़ाव और सहयोग का हिस्सा बन सकें।
बीते कल की याद, वर्तमान का उत्सव और भविष्य की प्रेरणा
कार्यक्रम की थीम ‘सेलिब्रेटिंग द पास्ट, एनरिचिंग द प्रेजेंट, इंस्पायरिंग द फ्यूचर’ को प्रस्तुतियों के माध्यम से सार्थक किया गया। आयोजन ने संदेश दिया कि बीता कल हमारी पूंजी है, आज हमारा अवसर है और आने वाला कल हमारी प्रेरणा है।
कार्यक्रम ने वरिष्ठजनों को यह संदेश भी दिया कि उम्र जीवन की रफ्तार रोकने का नाम नहीं है। अनुभवों से समृद्ध जीवन को उत्साह, सकारात्मक सोच और अपनों के साथ के सहारे हर उम्र में खूबसूरती के साथ जिया जा सकता है।