हाईकोर्ट से शिवम-नितिन को झटका, मिलावटी दवाओं की एफआईआर रद्द करने से इनकार

मिलावटी दवाओं की बिक्री और निर्माण के मामले में आरोपी शिवम कुमार गुप्ता और नितिन कुमार गुप्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने 11 जुलाई 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग ठुकरा दी। अदालत ने एफआईआर में प्रथम दृष्टया अपराध बनता पाया और हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। हालांकि गिरफ्तारी की स्थिति में पुलिस को कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

Aug 21, 2026 - 21:06
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हाईकोर्ट से शिवम-नितिन को झटका, मिलावटी दवाओं की एफआईआर रद्द करने से इनकार

आगरा। मिलावटी दवाओं की बिक्री और निर्माण के मामले में आरोपी शिवम कुमार गुप्ता और नितिन कुमार गुप्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए दाखिल की गई दोनों आरोपियों की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने एफआईआर का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया आरोपों में अपराध बनता पाया और एफआईआर निरस्त करने का कोई आधार नहीं माना।

मामला 11 जुलाई 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी। एफआईआर में मिलावटी दवाओं की बिक्री और निर्माण से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुकदमा बीएनएस की धारा 318, 276, 277, 278 और 316 के तहत दर्ज किया गया है।

एफआईआर में प्रथम दृष्टया अपराध बनता है

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान एफआईआर में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि एफआईआर में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की ओर संकेत करते हैं। ऐसे में इस स्तर पर एफआईआर को रद्द करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच पुलिस की विवेचना के दौरान की जा सकती है। हाईकोर्ट ने इस स्तर पर पुलिस की जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

गिरफ्तारी पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश

हालांकि हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति में पुलिस को कानून और सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यानी पुलिस को गिरफ्तारी के संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।

अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिवम कुमार गुप्ता और नितिन कुमार गुप्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर बरकरार रहेगी। दोनों आरोपियों को इस स्तर पर राहत नहीं मिली है। याचिका का निस्तारण कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसी मामले में चार अन्य आरोपियों से जुड़ी याचिकाओं पर भी अदालत के आदेश का इंतजार है। ऐसे में अब पुलिस की आगे की विवेचना और संभावित कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। मिलावटी दवाओं से जुड़े इस मामले में एफआईआर कायम रहने से जांच का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस अब मुकदमे में सामने आए तथ्यों, दवाओं की गुणवत्ता, निर्माण एवं बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।