'साहब, पैमाइश हो गई... ये ककोड़े आपके लिए हैं': किसान के अनोखे उपहार ने जीत लिया आगरा के डीएम का दिल, बोले—'काम करना मेरा कर्तव्य, लेकिन आपका इनाम याद रहेगा'

आगरा में जनता दर्शन के दौरान बसई अरेला निवासी किसान रामप्रकाश ने तीन वर्ष से लंबित अपनी जमीन की पैमाइश पूरी होने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल का अनोखे अंदाज में आभार जताया। किसान जंगली ककोड़े भेंट करने पहुंचा और कहा कि डीएम के हस्तक्षेप से उसका वर्षों पुराना मामला एक ही बार में सुलझ गया। जिलाधिकारी ने इसे अपना कर्तव्य बताते हुए किसान की भावनाओं की सराहना की। किसान ने 6 जुलाई को तहसील बाह के संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी, जिसके बाद डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग ने पैमाइश पूरी कर दी।

Aug 7, 2026 - 19:59
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'साहब, पैमाइश हो गई... ये ककोड़े आपके लिए हैं': किसान के अनोखे उपहार ने जीत लिया आगरा के डीएम का दिल, बोले—'काम करना मेरा कर्तव्य, लेकिन आपका इनाम याद रहेगा'
जिलाधिकारी मनीष बंसल के पास जंगली ककोड़े लेकर पहुंचा किसान राम प्रकाश।

आगरा। तीन वर्षों तक अपनी जमीन की पैमाइश के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाला एक गरीब किसान आखिरकार न्याय मिलने के बाद खुशी रोक नहीं पाया। शुक्रवार को जनता दर्शन में वह जंगली ककोड़ों से भरा थैला लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल के पास पहुंचा और भावुक होकर बोला, "साहब, पैमाइश हो गई। आपसे मिला तो एक ही बार में काम हो गया। यह जंगली ककोड़े आपके लिए लाया हूं। इन्हें लेने से मना मत करिए, नहीं तो मेरा दिल टूट जाएगा।" किसान की सादगी और आत्मीयता ने जिलाधिकारी का भी दिल जीत लिया। मुस्कुराते हुए डीएम ने कहा, यह तो मेरा कर्तव्य था, लेकिन आपका यह इनाम मुझे हमेशा याद रहेगा।

जनता दर्शन के दौरान जिला मुख्यालय में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब बसई अरेला निवासी रामप्रकाश पुत्र रोशनलाल हाथ में जंगली ककोड़ों का थैला लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि की पैमाइश का मामला पिछले तीन वर्षों से लंबित था। राजस्व विभाग के अधिकारियों के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।

संपूर्ण समाधान दिवस में रखी थी फरियाद

किसान रामप्रकाश ने बताया कि 6 जुलाई को तहसील बाह में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने जिलाधिकारी मनीष बंसल से अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने शिकायत की थी कि तीन वर्षों से राजस्व निरीक्षक और लेखपाल उनकी भूमि की पैमाइश नहीं कर रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद मामले को गलत रिपोर्ट लगाकर टाल दिया जाता था।

शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर ही संबंधित राजस्व निरीक्षक से जवाब-तलब किया। पैमाइश में अनावश्यक देरी पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

एक निर्देश के बाद पूरी हुई पैमाइश

जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद राजस्व विभाग ने किसान की भूमि की पैमाइश पूरी कर दी। वर्षों से लंबित विवाद का समाधान होने पर किसान को बड़ी राहत मिली। इसी खुशी में वह जनता दर्शन में विशेष रूप से जिलाधिकारी का धन्यवाद करने पहुंचे।

रामप्रकाश ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि उनकी समस्या इतनी जल्दी हल हो जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारी की कार्यशैली की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि यदि अधिकारी इसी तरह आम लोगों की समस्याएं सुनें तो गरीबों को न्याय के लिए वर्षों तक भटकना नहीं पड़े।

जंगली ककोड़ों से जताया आभार

आभार व्यक्त करते हुए किसान ने अपने साथ लाए थैले से जंगली ककोड़े निकालकर जिलाधिकारी को भेंट करने की इच्छा जताई। पहले तो जिलाधिकारी ने इसे लेने में संकोच किया, लेकिन किसान ने भावुक होकर कहा कि यदि उनका यह छोटा-सा उपहार स्वीकार नहीं किया गया तो उनका दिल टूट जाएगा। किसान के चेहरे की सच्ची खुशी और आत्मीयता देखकर जिलाधिकारी भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके और उन्होंने किसान की भावना का सम्मान किया।

जनता दर्शन बना विश्वास का मंच

इस पूरे घटनाक्रम ने जनता दर्शन में मौजूद लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने इसे प्रशासन और आम नागरिक के बीच विश्वास का प्रतीक बताया। अधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य भी यही है कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।

गरीब किसान की सादगी, न्याय मिलने की खुशी और धन्यवाद देने का अनोखा तरीका पूरे जनता दर्शन का सबसे भावुक पल बन गया। यह घटना इस बात का उदाहरण भी बनी कि संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव है और आम नागरिक का व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है।

SP_Singh AURGURU Editor