चंबल नदी में बीच धारा फंसा स्टीमर, 50 से अधिक यात्रियों में मची चीख-पुकार
चंबल नदी में रविवार सुबह यात्रियों से भरा स्टीमर अचानक बंद हो गया। डीजल खत्म होने और इंजन में कपड़ा फंसने की वजह से स्टीमर तेज बहाव में करीब 8 से 10 किलोमीटर तक बहता रहा। स्टीमर पर 50 से 70 यात्रियों के साथ 10-12 मोटरसाइकिलें भी थीं। गुढ़ा गांव के पास टीले से टकराने के बाद स्टीमर रुका और सभी यात्रियों को सुरक्षित किनारे उतार लिया गया। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
स्टीमर करीब 8 से 10 किलोमीटर तक नदी की धारा में बहता गया, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
आगरा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से गुजर रही चंबल नदी में रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब मध्य प्रदेश के भिंड स्थित नगरा घाट से बाह के कैंजरा घाट की ओर आ रहा स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया। स्टीमर पर करीब 50 से 70 यात्री और 10-12 मोटरसाइकिलें सवार थीं। तेज बहाव के बीच स्टीमर के रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए चीख-पुकार की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि स्टीमर का डीजल खत्म हो गया था, जबकि उसके इंजन में कपड़ा फंसने की बात भी सामने आ रही है। इंजन बंद होने के बाद चंबल नदी का तेज बहाव स्टीमर को अपने साथ बहाने लगा। चालक ने काफी प्रयास किया, लेकिन स्टीमर करीब 8 से 10 किलोमीटर तक नदी की धारा में बहता चला गया।
तेज बहाव में बहता रहा स्टीमर, यात्रियों की अटकी सांसें
स्टीमर के अचानक नियंत्रण से बाहर होकर बहने से उस पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री घबराकर एक-दूसरे को संभालते नजर आए। स्टीमर पर बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलें भी लदी थीं, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। बताया गया है कि स्टीमर बहते हुए मध्य प्रदेश क्षेत्र में गुढ़ा गांव के पास एक टीले से टकरा गया, जिसके बाद उसकी रफ्तार थमी और वह रुक गया। चालक की सूझबूझ और मौके पर किए गए प्रयासों से स्थिति को संभाला गया।
अटेर घाट के पास रोका गया स्टीमर
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और पुलिस को मामले की सूचना दी गई। बासौनी पुलिस भी सतर्क हो गई। पुलिस के अनुसार स्टीमर मध्य प्रदेश की ओर से चलकर उत्तर प्रदेश के बाह क्षेत्र स्थित कैंजरा घाट की ओर आ रहा था। स्टीमर को सुरक्षित स्थान पर रोकने के बाद यात्रियों को किनारे उतार लिया गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने चंबल नदी में संचालित स्टीमर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चंबल के तेज बहाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इन दिनों चंबल नदी में पानी का बहाव तेज है। ऐसे में यात्रियों से भरे स्टीमर का डीजल खत्म होना या तकनीकी खराबी के चलते इंजन बंद हो जाना गंभीर लापरवाही का संकेत माना जा रहा है। यदि स्टीमर किसी गहरे हिस्से में फंस जाता या नदी के तेज बहाव में पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बासौनी थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल ने बताया कि स्टीमर मध्य प्रदेश की ओर से आ रहा था और घटना मध्य प्रदेश के क्षेत्र में हुई है। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। घटना के बाद स्टीमर संचालन से पहले पर्याप्त डीजल, इंजन की तकनीकी जांच और यात्रियों की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।