वीर गोकुला जाट की संघर्ष गाथा अब कक्षा 9 की नई एनसीईआरटी किताब में, जयन्त चौधरी से की गई थी पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

आगरा। 17वीं शताब्दी में मुगल शासन के खिलाफ जाट प्रतिरोध के प्रमुख चेहरों में शामिल गोकुल जाट का उल्लेख एनसीईआरटी की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में किया गया है। नई पुस्तक में 1669 के गोकुल जाट के विद्रोह और गंगा-यमुना दोआब के जाटों के संघर्ष का विवरण दिया गया है।

Oct 5, 2026 - 19:37
Oct 5, 2026 - 20:17
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वीर गोकुला जाट की संघर्ष गाथा अब कक्षा 9 की नई एनसीईआरटी किताब में, जयन्त चौधरी से की गई  थी पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि कुछ माह पहले सादाबाद के बिसावर में वीर गोकुला जाट की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी के समक्ष गोकुला जाट के संघर्ष और बलिदान को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग रखी गई थी। उनके अनुसार, इस मांग के बाद एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 की पुस्तक में गोकुल जाट के संघर्ष को स्थान मिला है।

नई एनसीईआरटी पुस्तक में 1000 से 1700 ईस्वी के दौर को “प्रतिरोध और दृढ़ता” के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है। इसमें गंगा-यमुना दोआब के जाटों पर भारी कर और शोषण का उल्लेख करते हुए 1669 में गोकुल जाट के नेतृत्व में हुए विद्रोह को दर्ज किया गया है। पुस्तक के अनुसार, बाद में 1686 में सिनसिनी और सोगर के जमींदारों के नेतृत्व में भी जाटों ने विद्रोह किया।

कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि गोकुला जाट के संघर्ष को कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में स्थान मिलना उनके अनुसार किसान समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को 17वीं शताब्दी में जाट समुदाय के संघर्ष और मुगल शासन के विरुद्ध हुए प्रतिरोध के बारे में जानकारी मिलेगी।

उन्होंने बताया कि गोकुला जाट के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए अखिल भारतीय जाट महासभा की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकार को कई ज्ञापन दिए गए थे। बिसावर में प्रतिमा अनावरण के दौरान भी यह मांग केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी के समक्ष रखी गई थी।

इस पर राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बघेल, पूर्व प्रदेश सचिव डॉ. रुपेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चौधरी गोपीचंद, महानगर अध्यक्ष पंडित दुर्गेश शुक्ला, युवा लोकदल के प्रदेश महासचिव मयंक खिरवार, डॉ. खेम सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय फौजदार, किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, वरिष्ठ नेता हरदम सिंह पहलवान, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव संजीव शर्मा और आलोक चौधरी आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की और जयन्त चौधरी के प्रति आभार जताया है।

SP_Singh AURGURU Editor