टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन, बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे के आसार, भाजपा- कांग्रेस का ह्विप
सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान जबरदस्त हंगामा होने के आसार है। वहीं पहले चरण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को टीएमसी ने समर्थन दिया है। टीएमसी अब बिरला के खिलाफ वोटिंग करेगी।
नई दिल्ली। 9 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान जबरदस्त हंगामा होने के आसार हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान कर दिया है।
शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाए जाने वाले प्रस्ताव का टीएमसी समर्थन करेगी। साथ ही वह बिरला के खिलाफ वोटिंग भी करेगी। टीएमएसी के एक नेता ने कहा, हम हमेशा से अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में थे। हम इसे जल्दबाजी में नहीं लाना चाहते थे और इसीलिए बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम भाग में हमने कहा था कि इसे तीन दिन बाद पेश किया जाए।
उन्होंने कहा, कि सोमवार को जब नोटिस पर विचार किया जाएगा तब बीमार सांसदों को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस के लगभग सभी सांसद लोकसभा में उपस्थित रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (‘इंडिया’ गठबंधन) के अन्य नेताओं के भी संपर्क में हैं।
वहीं सोमवार को लोकसभा व राज्यसभा दोनों में जबरदस्त हंगामा होने के आसार है। सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। साथ ही सरकार से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बयान जारी करने की मांग की है।
ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि विपक्ष को लगता है कि बिरला अब सदन के सभी पक्षों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। उनके पक्षपातपूर्ण रवैये से सदस्यों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है और ऐसी व्यवस्थाएं दी जा रही हैं जो इन अधिकारों को कमजोर करते हैं।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि बिरला सभी विवादास्पद मामलों में खुले तौर पर सत्तारूढ़ दल का पक्ष लेते हैं और यह सब सदन के सुचारु संचालन तथा जनता की चिंताओं और शिकायतों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है।
विपक्ष के कम से कम 118 सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समय सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देने के साथ-साथ बजट सत्र के पहले चरण में आठ सांसदों को निलंबित करने के लिए नोटिस प्रस्तुत किया था।
भाजपा ने शुक्रवार को अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया, जिसमें उन्हें अगले हफ्ते सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है, जब बजट सेशन का दूसरा फेज शुरू होगा। पार्टी की ओर से कहा गया है कि 9-10 मार्च को सदन में बहुत महत्वपूर्ण विधायी कार्य पर चर्चा होगी और इसलिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है।
वहीं कांग्रेस ने भी अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। उसने सभी सांसदों से 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने को कहा है।