आगरा में ‘रकम दोगुनी’ करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी मामले के दो और वांछित गिरफ्तार

आगरा में एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के नाम पर निवेशकों से 2.26 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने दो मुख्य वांछित आरोपियों युवराज सिंह और राहुल सोनी को गिरफ्तार किया है। दोनों न्यू आगरा की ग्रेटर कॉलोनी में परिचित के घर छिपे मिले। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल मारुति बलेनो कार भी बरामद की है। आरोपियों ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश कराया था। शुरुआत में भुगतान कर निवेशकों का भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई। मामले का मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

Aug 16, 2026 - 18:38
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आगरा में ‘रकम दोगुनी’ करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी मामले के दो और वांछित गिरफ्तार

पहले मुनाफे का भुगतान कर निवेशकों का जीता भरोसा, बाद में रकम लेकर कंपनी बंद करने का आरोप, मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही हो चुका गिरफ्तार

आगरा। निवेश के नाम पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ आगरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के नाम पर करीब 2.26 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने दो मुख्य वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान युवराज सिंह और राहुल सोनी के रूप में हुई है। मामले का मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यू आगरा क्षेत्र की ग्रेटर कॉलोनी में एक परिचित के घर से दबोचा। आरोपियों की निशानदेही पर ठगी में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार भी बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क, निवेशकों की संख्या और रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

2023 में शुरू हुआ था निवेश का खेल

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच अलग-अलग लोगों को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाया। एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के जरिए निवेश करने पर रकम को निश्चित अवधि में दोगुना करने का भरोसा दिलाया जाता था। बड़ी रकम लगाने वालों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में आरोपियों ने निवेशकों को उनकी रकम पर भुगतान और रिटर्न देकर भरोसा कायम किया। इससे निवेशकों को लगा कि कंपनी वास्तव में निवेश के बदले मुनाफा दे रही है। धीरे-धीरे आरोपियों ने लोगों को बड़ी रकम लगाने के लिए तैयार कर लिया।

भरोसा बढ़ा तो करोड़ों रुपये निवेश करा लिए

शुरुआती दौर में समय पर भुगतान मिलने से निवेशकों का भरोसा आरोपियों पर बढ़ता गया। इसके बाद उन्हें ज्यादा रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। देखते ही देखते कई लोगों ने कंपनी के झांसे में आकर लाखों रुपये निवेश कर दिए। आरोप है कि जब निवेश की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच गई तो आरोपियों ने भुगतान करना बंद कर दिया। निवेशकों को रकम वापस करने के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाए जाने लगे। काफी समय तक रकम नहीं मिलने पर निवेशकों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

रकम वापस मांगने पर खुला करोड़ों की ठगी का राज

निवेशकों ने जब अपनी मूल रकम और मुनाफे की मांग शुरू की तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। लगातार भुगतान नहीं होने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में सामने आया कि रकम दोगुनी करने का लालच देकर अलग-अलग लोगों से करीब 2.26 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। शिकायत और जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका खंगालनी शुरू की। बैंक खातों, लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। इसी जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसना शुरू किया।

मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने इससे पहले मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल को गिरफ्तार किया था। उसके बाद जांच में सामने आए अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। पुलिस और सर्विलांस टीम को युवराज सिंह और राहुल सोनी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी न्यू आगरा क्षेत्र की ग्रेटर कॉलोनी में अपने परिचित के घर पर छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

बलेनो कार भी बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, ठगी में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार को भी बरामद कर लिया गया है। अब पुलिस वाहन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कंपनी के नाम पर निवेश कराने में और कितने लोग शामिल थे और ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची।

निवेशकों को ऐसे फंसाते थे आरोपी

जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार आरोपियों ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए पहले भुगतान का तरीका अपनाया। शुरुआती निवेशकों को रिटर्न मिलने के बाद उन्होंने अपने परिचितों और अन्य लोगों को भी कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया। इसके बाद निवेश की रकम बढ़ती गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी की आड़ में ठगी का नेटवर्क कितने लोगों तक फैला था और 2.26 करोड़ रुपये के अलावा कहीं इससे अधिक रकम तो नहीं जुटाई गई।

पुलिस खंगाल रही बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी

कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि ठगी की रकम की पूरी मनी ट्रेल सामने लाई जाए और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो। पुलिस ने निवेशकों से भी अपील की है कि किसी भी कंपनी या व्यक्ति द्वारा कम समय में रकम दोगुनी करने या असामान्य रूप से अधिक रिटर्न देने का दावा किए जाने पर पूरी जांच के बाद ही पैसा निवेश करें। बिना दस्तावेज और कंपनी की वैधता जांचे बड़ी रकम निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

संयुक्त टीम की कार्रवाई से दो वांछित आरोपी गिरफ्त में

करोड़ों की ठगी के इस मामले में कमला नगर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे दोनों वांछित आरोपियों को भी पकड़ लिया गया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां खपाई गई।