भारत में एक साल बाद अमेरिकी राजदूत की तैनाती, सर्जिओ गोर अगले हफ्ते संभालेंगे कार्यभार  

भारत में अमेरिकी राजदूत का पद सर्जिओ गोर को मिल गया है, जो अगले हफ्ते कार्यभार संभालेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्जिओ को ट्रंप का करीबी माना जाता है।  

Jan 10, 2026 - 21:57
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भारत में एक साल बाद अमेरिकी राजदूत की तैनाती, सर्जिओ गोर अगले हफ्ते संभालेंगे कार्यभार  

नई दिल्ली। एक साल से खाली पड़े भारत में अमेरिकी एंबेसेडर के पद को उसका चेहरा मिल गया है। पूर्व राजदूत एरिक गार्सेटी के बाद ट्रंप के करीबी माने जाने वाले सर्जिओ गोर अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए दिल्ली आ गए हैं, वो अगले हफ्ते अपना काम काज संभाल लेंगे। गोर ऐसे वक्त पर ये अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जब भारत और अमेरिका के संबंध शायद सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप के अप्रत्याशित बयानों और अधर में लटकी ट्रेड डील की वजह से दोनों देशों के संबंध फिलहाल असहजता के दौर से गुजर रहे हैं। एंबेसेडर गोर का ये दूसरा भारत दौरा है, इससे पहले वो अक्टूबर में तब भी भारत आए थे, जब उनकी नियुक्ति को सीनेट से मंजूरी नहीं मिली थी।   
 
अपने उस दौरे में उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा था कि दोनों राष्ट्रपति  ट्रंप पीएम मोदी को निजी और महान दोस्त की तरह मानते हैं। गोर ने कहा था कि दोनों देशों की मजबूत लीडरशिप के मद्देनदजर वो संबंधों को लेकर बेहद आशान्वित हैं। इस दौरान उन्होने पीएम मोदी को राष्ट्रपति के साथ एक तस्वीर भी भेंट की थी।

बीते दिनों व्हाइट हाउस में जब गोर को अमेरिकी एंबेसेडर के पद की शपथ दिलाई गई थी, तो उस वक्त राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था वो सर्जिओ गोर को सबसे अहम द्विपक्षीय साझेदारी की जिम्मेदारी दे रहे हैं।
ट्रंप ने ये भी कहा था कि अमेरिका के प्रधानमंत्री मोदी के साथ पहले से ही शानदार रिश्ते हैं और गोर ने उन्हें गहरा कर दिया है। जाहिर है भारत में बतौर भारतीय एंबेसेडर, गोर द्विपक्षीय संबंधों की दिशा और दशा तय करने में अहम साबित होंगे। खासतौर से ऐसे वक्त में जब अमेरिकी राष्ट्रपति के अप्रत्याशित बयानों की वजह से भारतीय डिप्लोमेसी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गोर को भारत के राजदूत के अलावा दक्षिण और मध्य एशिया का विशेष दूत बनाया गया है। इस क्षेत्र में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश आते हैं। फिलहाल इनमें से कुछ देशों में अमेरिका का कोई स्थायी राजनयिक प्रतिनिधि नहीं है और वहां ये जिम्मेदारी चार्ज डी अफेयर्स ही निभा रहे हैं। इसके अलावा ट्रंप के खास माने जाने वाले गोर को व्हाइट हाउस का प्रभावशाली इंसाइडर माना जाता है।

खुद ट्रंप ही कह रहे हैं कि उन्होंने बहुत कम समय में करीब 4,000 लोगों को सरकारी विभागों में नियुक्त कर 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को आगे बढ़ाया। ऐसे में शायद गोर एक ऐसे राजनयिक साबित हो सकते हैं, जिनके जरिए भारत डिप्लोमैटिक चैनल की पारंपरिक राह से इतर अपनी बात ट्रंप तक पहुंचा सकता है।

 गोर की नियुक्ति राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते साल अगस्त में की थी। इसके साथ ही उन्हें दक्षिण-मध्य एशिया का भी जिम्मा सौंपा गया है । ये इस पद के लिए अपनी तरह की नई जिम्मेदारी है। इससे पहले सर्जिओ की नियुक्ति के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि सर्जिओ उनके अच्छे दोस्त हैं जो कई सालों से उनके साथ रहे हैं।