जब सांसद नवीन जैन के घर एक साथ पहुंचे सात मुनिराज, आहार चर्या बनी अविस्मरणीय क्षण

नई दिल्ली स्थित राज्यसभा सांसद नवीन जैन के सरकारी आवास पर परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के मंगल आगमन से वातावरण धर्ममय हो गया। सांसद नवीन जैन ने सपरिवार संतों की अगवानी कर चरण प्रक्षालन किया और मंगल प्रवचन का लाभ लिया। इस दौरान संघ के सात मुनिराजों की एक साथ आहार चर्या सांसद के आवास पर संपन्न हुई। नवीन जैन ने इसे अपने और परिवार के लिए जीवनभर का अविस्मरणीय एवं परम सौभाग्य का क्षण बताया।

Oct 5, 2026 - 20:51
Oct 5, 2026 - 20:52
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जब सांसद नवीन जैन के घर एक साथ पहुंचे सात मुनिराज, आहार चर्या बनी अविस्मरणीय क्षण
दिल्ली स्थित आवास पर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का ससंघ मंगल आगमन पर आगवानी करते सांसद नवीन जैन।  

दिल्ली आवास में गूंजा धर्म और भक्ति का स्वर, पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का मंगल आगमन 

आगरा/ नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद नवीन जैन के नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर सोमवार को परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के मंगल आगमन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। संतों के पावन सान्निध्य में सांसद नवीन जैन ने सपरिवार धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता की और पूज्य गुरुदेव के मंगल प्रवचन एवं आशीर्वाद का लाभ प्राप्त किया।

परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के आगमन को लेकर सांसद नवीन जैन और उनके परिवार में विशेष उत्साह और श्रद्धाभाव देखने को मिला। नवीन जैन अपने परिवार के साथ नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट से पैदल पद विहार करते हुए संतों की भव्य अगवानी के लिए अपने सरकारी आवास पहुंचे। संघ के आवास पर मंगल आगमन के बाद सांसद नवीन जैन ने सपरिवार श्रद्धापूर्वक पूज्य गुरुदेव की अगवानी की।

चरण प्रक्षालन कर किया श्रद्धापूर्वक स्वागत

आवास पर पहुंचने के बाद सांसद नवीन जैन ने विधिवत परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चरणों का पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ संतों का श्रद्धापूर्वक वंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा आवास परिसर भक्ति और धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत दिखाई दिया। संतों के मंगल आगमन के साथ ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच विशेष आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया। परिवार के सदस्यों ने भी पूज्य संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके सान्निध्य का लाभ लिया।

मंगल प्रवचन में धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश

इसके बाद सांसद नवीन जैन और उनके परिवार को परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मुखारविंद से मंगल प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरुदेव ने अपने प्रवचन में धर्म, संयम, त्याग, तपस्या, अहिंसा, सदाचार और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने जीवन में सद्विचारों को स्थान देने, आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने तथा संयम और सदाचार को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। संतों के विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित किया।

सांसद आवास पर एक साथ सात मुनिराजों की आहार चर्या

इस धार्मिक अवसर का सबसे महत्वपूर्ण और विशेष पक्ष उस समय सामने आया, जब परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सात मुनिराजों की एक साथ आहार चर्या सांसद नवीन जैन के आवास पर संपन्न हुई। जैन परंपरा में मुनिराजों की आहार चर्या अत्यंत विशिष्ट मानी जाती है। इसमें निर्धारित धार्मिक विधि और नियमों का पालन करते हुए मुनिराज खड़े होकर दोनों हाथों को मिलाकर आहार ग्रहण करते हैं। वे आवश्यकता से अधिक भोजन ग्रहण नहीं करते और आहार से संबंधित नियमों का अत्यंत कठोरता से पालन करते हैं। किसी भी प्रकार की प्रतिकूल या अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर वे आहार का त्याग भी कर देते हैं। सांसद के आवास पर एक साथ सात मुनिराजों की आहार चर्या का दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और आध्यात्मिक अनुभव रहा। संतों की इस विशिष्ट आहार पद्धति को देखकर उपस्थित श्रद्धालु आश्चर्यचकित भी हुए और जैन साधना की कठोरता तथा अनुशासन को करीब से महसूस किया।

‘जीवन पर्यंत अविस्मरणीय रहेगा यह क्षण’

सांसद नवीन जैन ने इस अवसर को अपने जीवन और परिवार के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक साथ सात संतों का उनके निवास पर मंगल आगमन उनके लिए जीवन पर्यंत अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को अत्यंत भावुक और धन्य महसूस कर रहे हैं कि पूज्य संतों के चरण उनके निवास पर पड़े, परिवार को उनका पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ और उन्हें संतों का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद और उनका पावन सान्निध्य उनके जीवन और परिवार के लिए सदैव अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर रहेगा।

संतों का सान्निध्य देता है आत्मकल्याण की दिशा

नवीन जैन ने कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में आत्मकल्याण, सद्विचार और सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। परम पूज्य गुरुदेव के चरण जहां पड़ते हैं, वहां का वातावरण स्वतः ही धर्ममय और मंगलमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि संतों द्वारा दिए गए संयम, त्याग, तपस्या, अहिंसा और आत्मशुद्धि के संदेश आज के जीवन में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। इन संदेशों के माध्यम से व्यक्ति को भौतिक उपलब्धियों के साथ-साथ आत्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

त्याग, तप और संयम का जीवंत उदाहरण हैं जैन संत

सांसद ने कहा कि जैन संतों का जीवन स्वयं त्याग, तप और संयम की प्रेरणा देता है। उनका कठिन साधना-पथ समाज को यह संदेश देता है कि वास्तविक शांति केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सदाचार और आत्मशुद्धि में निहित है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का उनके आवास पर मंगल आगमन और सात मुनिराजों की आहार चर्या का संपन्न होना उनके तथा पूरे परिवार के लिए अत्यंत पुण्य और सौभाग्य का विषय है। संतों के पावन सान्निध्य में संपन्न इस धार्मिक अवसर के दौरान सांसद नवीन जैन के आवास पर श्रद्धा, भक्ति, संयम और आत्मकल्याण के संदेशों की अनुभूति हुई। संतों के चरण पड़ने और उनके मंगल वचनों से पूरा वातावरण लंबे समय तक आध्यात्मिक ऊर्जा और धर्मभाव से ओत-प्रोत बना रहा।