विश्वदाय दिवस सेन्ट एन्ड्रूज के विद्यार्थियों ने रैली, नृत्य और संदेशों से जगाई विश्व बंधुत्व की अलख
आगरा। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करते हुए सेन्ट एन्ड्रूज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने विश्वदाय दिवस पर ऐसा अद्भुत आयोजन प्रस्तुत किया, जिसने न केवल भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरी बल्कि विश्व शांति और धरोहर संरक्षण का मजबूत संदेश भी दिया। 36 वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए इस बार भी रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, विश्वदाय रैली और पर्यटकों के भव्य स्वागत ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के सी.एम.डी. डॉ. गिरधर शर्मा द्वारा विश्वदाय रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों और एन.सी.सी. कैडेट्स (एयर विंग) ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर उत्साहपूर्वक रैली निकाली, जिसमें देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। आगरा किले के मुख्य द्वार पर पर्यटकों को चंदन तिलक लगाकर और फूलमालाओं से अभिनंदन किया गया। इस दौरान पर्यटक भी खुद को रोक नहीं पाए और विद्यार्थियों के साथ नृत्य करते हुए इस सांस्कृतिक रंग में रंग गए।
रैली की सबसे खास बात रही ऐतिहासिक और महान विभूतियों के जीवंत रूप। विद्यार्थियों ने मीरा बाई, झांसी की रानी, हुमायूं, बाबर, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, टोडरमल, राजा मान सिंह, बीरबल, तानसेन, नूरजहां, मुमताज महल, अनारकली, महाराणा प्रताप, महात्मा गांधी, शिवाजी और डॉ. आंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों का रूप धारण कर इतिहास को सजीव कर दिया।
विद्यार्थियों के हाथों में संदेशों से भरी पट्टिकाएं थीं, जिन पर विश्वदाय दिवस, भाईचारे का दिवस, वी लव आगरा, वी लव ताज और इन इमारतों पर क्या लिखना जिन पर इतिहास लिखा हो- जैसे नारे लिखे थे। कैडेट्स इन नारों का जोश के साथ उद्घोष कर रहे थे, जिससे वातावरण पूरी तरह जागरूकता और उत्साह से भर गया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. गिरधर शर्मा ने कहा कि आगरा विश्व पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान रखता है और यहां स्थित विश्वदाय धरोहरें हमारी पहचान हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थी हर वर्ष इन धरोहरों के संरक्षण और विश्व बंधुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में शांति और एकता का संदेश देना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक वेशभूषा में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य, अभिनय और संदेशों के माध्यम से बच्चों ने यह स्पष्ट कर दिया कि नई पीढ़ी न केवल अपनी विरासत को समझती है, बल्कि उसे संजोने का संकल्प भी रखती है।
कार्यक्रम का संयोजन एन.सी.सी. ऑफिसर आलोक वैष्णव ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में एस.पी. तिवारी, अंजना गुप्ता, जूली दीक्षित, यश गोयल सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।