आगरा से अगवा 4 साल की बच्ची 18 घंटे बाद दिल्ली से बरामद, पुलिस की सतर्कता से सकुशल लौटी “लक्ष्मी”

आगरा। आगरा के ताजगंज क्षेत्र से बुधवार दोपहर अगवा की गई चार वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची करीब 18 घंटे तक गायब रही, जिसके बाद उसे एक मौलवी के साथ दिल्ली से बरामद किया गया। बच्ची की सकुशल वापसी से परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

Oct 16, 2025 - 23:49
 0
आगरा से अगवा 4 साल की बच्ची 18 घंटे बाद दिल्ली से बरामद, पुलिस की सतर्कता से सकुशल लौटी “लक्ष्मी”

कैसे हुई किडनैपिंग की वारदात

पुरानी मंडी, ताजगंज निवासी मोनू ठाकुर की चार साल की बेटी गोल्डी, बुधवार को दोपहर करीब 12:45 बजे अपने दादा पप्पू ठाकुर के साथ शाहजहां गार्डन में खेलने गई थी। दादा के पानी पीने के दौरान गोल्डी पार्क से निकलकर नगर निगम की गली में चली गई, जहां एक मौलवी ने उसे बहला-फुसलाकर ऑटो में बैठा लिया और मौके से फरार हो गया।

सीसीटीवी और सर्विलांस बना पुलिस का हथियार

बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही परिजन ताजगंज थाने पहुंचे। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आसपास के 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक युवक बच्ची का हाथ पकड़े ऑटो में बैठता नजर आया, जो माल रोड की ओर जाता दिखा।
पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के एंट्री-एक्जिट प्वाइंट्स पर अलर्ट जारी किया।

18 घंटे बाद दिल्ली में मिली मासूम

एडिशनल सीपी रामबदन के अनुसार, सर्विलांस टीम की मदद से संदिग्ध की लोकेशन ट्रेस की गई। आखिरकार दिल्ली से बच्ची को बरामद कर लिया गया, जहां वह एक मौलवी के साथ मिली। मौलवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह लगातार अपने बयान बदल रहा है। पुलिस की टीम दोनों को लेकर आगरा लौट रही है।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़, फिर लौटी उम्मीद

गोल्डी की मां बबली देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह लगातार थाने जाकर बेटी की तलाश की गुहार लगाती रहीं। परिवार वालों के साथ-साथ ताजगंज के स्थानीय लोग भी बच्ची को खोजने में लगे रहे।
मां बबली ने कहा, “मेरी बेटी मुझे मिल गई, यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। पुलिस ने जो मेहनत की, मैं उसका दिल से धन्यवाद करती हूं। मेरी लक्ष्मी वापस आ गई है।”

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी दी मदद

भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सोशल मीडिया सदस्य प्रदीप राठौर ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पार्टी कार्यकर्ता भी पुलिस के साथ बच्ची की तलाश में जुट गए। स्थानीय निवासियों ने भी हर संभव सहायता प्रदान की।

अपहरण की मंशा पर सस्पेंस बरकरार

एडिशनल सीपी ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, लेकिन उसने अभी तक अपहरण की ठोस वजह नहीं बताई है। पुलिस को आशंका है कि बच्ची को किसी गंभीर मकसद से आगरा से बाहर ले जाया गया था, जिसकी जांच जारी है।

पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी

यह ऑपरेशन पुलिस के लिए एक मॉडल केस बनकर सामने आया है, जहां तेजी, तकनीक और तालमेल के सहारे एक मासूम की जान सुरक्षित बचाई गई। बच्ची को 18 घंटे के भीतर बरामद करना पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क की मिसाल है।