61वीं निनाद संगीत प्रतियोगिता में नौ राज्यों के 400 कलाकारों ने रचा राग, ताल और अभिव्यक्ति का संगम
पं. रघुनाथ तलेगांवकर फ़ाउंडेशन ट्रस्ट एवं संगीत कला केन्द्र, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में विजया इंटरनेशनल स्कूल, बिचपुरी के विशेष सहयोग से संगीत महर्षि पं. विष्णु दिगंबर की पुण्य स्मरण में आयोजित हुई 61वीं निनाद संगीत प्रतियोगिता भारतीय संगीत की परंपरा, साधना और नव पीढ़ी की कला-संवेदना का अद्भुत संगम बनकर आगरा की सांस्कृतिक स्मृतियों में स्थायी स्थान बनाने में कामयाब रही।

आगरा। पं. रघुनाथ तलेगांवकर फ़ाउंडेशन ट्रस्ट एवं संगीत कला केन्द्र, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में तथा विजया इंटरनेशनल स्कूल, बिचपुरी के विशेष सहयोग से संगीत महर्षि पं. विष्णु दिगंबर जी के पुण्य स्मरण में 61वीं निनाद संगीत प्रतियोगिता का भव्य आयोजन 8 एवं 9 नवम्बर 2025 को विजया इंटरनेशनल स्कूल, बिचपुरी, आगरा में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन अशोक ग्रुप की प्रबन्ध निदेशक डा. रंजना बंसल एवं विजया इंटरनेशनल स्कूल की प्रबन्ध निदेशक डा. सुरेखा ब्रजेश चौहान द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। दो दिवसीय इस विशाल संगीत प्रतियोगिता में देश के 9 राज्यों की 48 संस्थाओं के लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी कला-साधना का अद्भुत प्रदर्शन किया।

तीन मंचों पर सजी संगीत-नृत्य की त्रिवेणी
8 नवम्बर को प्रतियोगिता का शुभारंभ तीन मंचों पर हुआ। पं. रघुनाथ तलेगांवकर स्मृति मंच पर समूह गायन, समूह नृत्य, एकल लोकनृत्य (युवा एवं ज्येष्ठ वर्ग), शास्त्रीय गायन तथा लोकगायन प्रतियोगिताएं हुईं। पं. केशव रघुनाथ तलेगांवकर स्मृति मंच पर बाल एवं किशोर वर्ग की शास्त्रीय गायन और भजन प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। श्रीमती सुलभा तलेगांवकर स्मृति मंच पर स्वर वाद्य, ताल वाद्य एवं ठुमरी/दादरा प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
9 नवम्बर को बाल, किशोर, युवा एवं ज्येष्ठ वर्ग की कत्थक और भरतनाट्यम एकल एवं समूह नृत्य प्रतियोगिताएँ संपन्न हुईं, जिनमें कला की विविध छवियाँ देखने को मिलीं।
निर्णायकों की विद्वत उपस्थिति ने बढ़ाई गरिमा
निर्णायक मंडल में जयपुर से रोहित कटारिया, डा. आकांक्षा रोहित कटारिया, दिल्ली से डॊ. कल्पना शर्मा, कासगंज से डॊ. शशिबाला यादव, बुलंदशहर से डॊ. भावना टिमल, आगरा से डॊ. मंगला मठकर, डॊ. अमिता त्रिपाठी, डॊ. अंश्वना सक्सेना, डॊ. संतोष नामदेव, शैलेंद्र कुलश्रेष्ठ, धनवंतरि पाराशर, क्रिस्टी लाल, डॊ. मनीषा, डॊ. नागेन्द्र मिश्र, डॊ. तूलिका सक्सेना, स्नेहा मुखर्जी, डॊ. अरुण चतुर्वेदी, कविता शर्मा, उपमा अत्रे शामिल रहे। सभी निर्णायकों ने निष्पक्ष मूल्यांकन से प्रतियोगिता को नई ऊंचाई दी।


देशभर से पहुंचे प्रतिभागी संस्थान
दोनों दिन के कार्यक्रम में उन्नाव, वाराणसी, दिल्ली, मेरठ, नोएडा, झाँसी, सागर, हल्द्वानी, कासगंज और आगरा सहित देशभर से प्रमुख संस्थान जैसे- भारतीय संगीत महाविद्यालय (उन्नाव), वागीशा पाण्डे म्यूज़िक एंड आर्ट्स कॉलेज (वाराणसी), स्वरवेणी म्यूज़िक एकेडमी (दिल्ली), भाव सुर ताल (जयपुर), आरोही संगीतालय (मेरठ), शुभनाद संगीत अकादमी (हल्द्वानी), सी.के.सी. एकेडमी (झाँसी), नूपुर झंकार एकेडमी (आगरा), कालिन्दी इंस्टिट्यूट ऑफ म्यूज़िक एंड डांस (आगरा), दयालबाग शिक्षण संस्थान (आगरा), डीपीएस (आगरा) आदि संस्थानों के प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
सम्मान एवं पुरस्कार वितरण
विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को तलेगांवकर परिवार एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। पुरस्कार निम्न स्मृतियों में प्रदान किए गए-
श्रीमती रुक्मणी देवी स्मृति (श्रीमती कांता धर्म टेकवानी), पं. सुनहरी लाल शर्मा स्मृति (श्रीमती मिथलेश जौहरी), श्रीमती मनोरमा शर्मा स्मृति (श्रीमती वत्सला अरस्तु प्रभाकर), डॉ. एस.एस. यादव स्मृति (डॉ शशिबाला यादव), श्रीमती प्रेम भार्गव स्मृति (सुश्री दीप्ति भार्गव), बनारसी दास खण्डेलवाल स्मृति (श्रीमती शान्ता खण्डेलवाल), मोण्टू गिरि स्मृति (श्रीमती मीनू सेन) सहित अनेक विभूतियों की स्मृतियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
समापन पर आभार और भावपूर्ण विदाई
द्विदिवसीय संगीतमय आयोजन का समापन संस्था के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, एवं सचिव श्रीमती प्रतिभा केशव तलेगांवकर के आभार वक्तव्य के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार कुलश्रेष्ठ, डॊ. गिरिंद्र तलेगांवकर, श्रीमती उपमा तलेगांवकर, डॊ. मेघा तलेगांवकर, राव आरोही तलेगांवकर, दिव्यांशी मठकर, एवं पलक तलेगांवकर ने किया। भोजन, सजावट, छायांकन एवं प्रमाणपत्र वितरण में सभी सदस्यों और सहयोगियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।