4 साल के मासूम की भोजन नली में फंसा था ₹5 का सिक्का, एसएन के डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से निकाला
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की गैस्ट्रो यूनिट ने चार वर्षीय बच्चे की भोजन नली में पांच दिनों से फंसे ₹5 के सिक्के को एंडोस्कोपी के जरिए सफलतापूर्वक निकाल लिया। बच्चे ने गलती से सिक्का निगल लिया था, जिसके बाद उसे खाने-पीने और निगलने में दर्द व परेशानी हो रही थी। जांच में सिक्का भोजन नली के ऊपरी हिस्से में फंसा मिला। डॉ. सूर्यकमल वर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने सुरक्षित तरीके से सिक्का बाहर निकाला। डॉक्टरों ने अभिभावकों से बच्चों की पहुंच से सिक्के, बैटरी, बटन और अन्य छोटी वस्तुएं दूर रखने की अपील की है।
सिक्का निगलने के बाद बच्चे को खाने-पीने में हो रही थी तेज दर्द और परेशानी, गैस्ट्रो यूनिट की टीम ने सफलतापूर्वक किया जटिल उपचार
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के मेडिसिन विभाग की गैस्ट्रो यूनिट के चिकित्सकों ने एक चार वर्षीय मासूम की भोजन नली में पांच दिनों से फंसे सिक्के को एंडोस्कोपी के जरिए सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। बच्चे ने गलती से ₹5 का सिक्का निगल लिया था, जो उसकी भोजन नली के ऊपरी हिस्से में जाकर अटक गया था। लंबे समय तक सिक्का फंसा रहने के कारण बच्चे को खाने-पीने और निगलने में काफी परेशानी के साथ दर्द का सामना करना पड़ रहा था।
परिजन बच्चे को उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने आवश्यक जांच के बाद पाया कि सिक्का Esophagus (भोजन नली) के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ है। स्थिति को देखते हुए गैस्ट्रो यूनिट की टीम ने एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के माध्यम से सिक्के को निकालने का निर्णय लिया।
एंडोस्कोपी से सुरक्षित निकाला सिक्का
मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सूर्यकमल वर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया को अंजाम दिया। चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक एंडोस्कोपी के माध्यम से भोजन नली में फंसे सिक्के को बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया के दौरान बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। सफल प्रक्रिया के बाद बच्चे की हालत स्थिर बताई गई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। समय पर सिक्का निकाले जाने से संभावित जटिलताओं का खतरा भी टल गया। इस उपचार में डॉ. सुदेक्षा सिंह, रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. सौरभ तिवारी, नर्सिंग ऑफिसर पंकज शर्मा के साथ एंडोस्कोपी एवं सपोर्टिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्राचार्य बोले- जटिल मामलों के उपचार के लिए तैयार है संस्थान
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने चिकित्सकीय टीम को सफल उपचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि कॉलेज की गैस्ट्रो और एंडोस्कोपी यूनिट लगातार जटिल मामलों का समय पर और सटीक उपचार कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान मरीजों को बेहतर, त्वरित और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बच्चों से दूर रखें सिक्के और छोटी वस्तुएं
डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की पहुंच में सिक्के, बटन, बैटरी और अन्य छोटी वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। खेल-खेल में बच्चे इन वस्तुओं को मुंह में डालकर निगल सकते हैं, जिससे भोजन नली में रुकावट जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा गलती से कोई वस्तु निगल ले तो इसे मामूली घटना मानकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। गले में दर्द, निगलने में परेशानी, अत्यधिक लार आना, उल्टी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भोजन नली में किसी बाहरी वस्तु के लंबे समय तक फंसे रहने से गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।