55 साल – बेमिसाल, श्री चित्रगुप्त परिषद् ने शिक्षा, सेवा और संस्कार की स्वर्णिम यात्रा का उत्सव मनाया
आगरा। शिक्षा, सेवा और सामाजिक समरसता को समर्पित श्री चित्रगुप्त परिषद् सामाजिक संस्था ने अपनी स्थापना के 55 स्वर्णिम वर्षों की गौरवशाली यात्रा को चिह्नित करते हुए “55 साल – बेमिसाल” वार्षिकोत्सव, छात्रवृत्ति वितरण एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन रविवार को अटल सभागार, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, खन्दारी में किया। गरिमामय वातावरण में आयोजित इस समारोह ने समाज के प्रति संस्था की निरंतर प्रतिबद्धता और भावी पीढ़ी के सशक्तिकरण के संकल्प को सशक्त रूप से सामने रखा।
आगरा। शिक्षा, सेवा और सामाजिक समरसता को समर्पित श्री चित्रगुप्त परिषद् सामाजिक संस्था ने अपनी स्थापना के 55 स्वर्णिम वर्षों की गौरवशाली यात्रा को चिह्नित करते हुए “55 साल – बेमिसाल” वार्षिकोत्सव, छात्रवृत्ति वितरण एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन रविवार को अटल सभागार, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, खन्दारी में किया। गरिमामय वातावरण में आयोजित इस समारोह ने समाज के प्रति संस्था की निरंतर प्रतिबद्धता और भावी पीढ़ी के सशक्तिकरण के संकल्प को सशक्त रूप से सामने रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अरुण साराभाई सहित डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ, डॉ. शशि शिरोमणि, डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. रूपक सक्सेना, विजेंद्र रायजादा तथा परिषद् के पदाधिकारियों अध्यक्ष डॉ. सुभाष सक्सेना, महासचिव डॉ. अंबेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, कोऑर्डिनेटर नितिन जोहरी, वरिष्ठ सलाहकार आरपी सक्सेना, सांस्कृतिक सचिव डॉ. नीरज स्वरूप, छात्रवृत्ति सचिव समीर सक्सेना, महिला शाखा अध्यक्ष सोनिका सक्सेना, सचिव रुचिता भटनागर, सह-सचिव शिखा श्रीवास्तव और युवा शाखा सचिव विशाल सक्सेना की उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम का संचालन युवा शाखा अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय ओजकवि मोहित सक्सेना ने किया। उनकी ओजपूर्ण पंक्तियों और प्रेरक शैली ने सभागार को उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया, जिससे पूरे कार्यक्रम में जीवंतता बनी रही।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सुभाष सक्सेना ने कहा कि श्री चित्रगुप्त परिषद् पिछले 55 वर्षों से समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज की भावी पीढ़ी को सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाना है। महासचिव डॉ. अंबेश श्रीवास्तव ने परिषद् की संगठनात्मक प्रगति और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला, जबकि कोषाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव ने संस्था की पारदर्शी और अनुशासित कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
समारोह का मुख्य आकर्षण रहा आर्थिक रूप से जरूरतमंद एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान। विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए, जिन्हें पाकर उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और सफलता की चमक साफ नजर आई।
कार्यक्रम के अंत में मोहित सक्सेना ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद् आने वाले वर्षों में भी शिक्षा प्रोत्साहन, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक सेवा के कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगी।
इस अवसर पर राजीव श्रीवास्तव, नीतेश सक्सेना, संजय कामठिया, सलोनी जौहरी, अनन्या सक्सेना, अंशिका रायजादा और अमायरा की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी रंगारंग व स्मरणीय बना दिया।