राणा सांगा की जयंती पर आगरा में क्षत्रिय एकता और शक्ति का जंगी प्रदर्शन

आगरा। आगरा के गढ़ी रामी में राणा सांगा की जयंती पर आयोजित किए गये 'रक्त स्वाभिमान सम्मेलन' में क्षत्रिय समाज ने अपनी एकता और शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में इतनी भारी संख्या में लोगों की भागेदारी रही कि यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया। आगरा में इससे पहले इतना बड़ा आयोजन नहीं देखा गया।

Apr 12, 2025 - 19:57
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राणा सांगा की जयंती पर आगरा में क्षत्रिय एकता और शक्ति का जंगी प्रदर्शन
आगरा की गढ़ी रामी में शनिवार को आयोजित राणा सांगा की जयंती समारोह को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल। अन्य चित्रों में उमड़े जनसैलाब की कुछ तस्वीरें।

-लाखों की संख्या में रही लोगों की भागेदारी, यूपी के विभिन्न जिलों के साथ ही आसपास के राज्यों के लोग पहुंचे

समारोह में विभिन्न राज्यों से आए लोगों की भारी संख्या में उपस्थिति रही। इस आयोजन के माध्यम से क्षत्रिय समाज ने अपनी एकजुटता और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन क्षत्रिय समाज की एकता और जागरूकता का संदेश देने में भी सफल रहा।

राणा सांगा की जयंती के लिए 12 अप्रैल को आगरा चलो के आह्वान का इतना व्यापक असर रहा कि यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर केशरिया झंडों के अलावा केशरिया पगड़ियां पहने लोग ही चारों तरफ नजर आ रहे थे। युवाओं में कुछ ज्यादा ही जोश देखा जा रहा था। ये तलवारें लहराते हुए रह-रह कर नारेबाजी कर रहे थे। जयंती समारोह की शुरुआत से लेकर अंत तक नारेबाजी चलती रही।

समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा संसद में वीर योद्धा राणा सांगा पर विवादित टिप्पणी किए जाने के बाद पूरे देश के क्षत्रियों में उबाल था। इसी क्रम में विगत 26 मार्च को करणी सेना ने सांसद सुमन के आवास पर पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में घायल हुए करणी सेना के नेता ओकेंद्र राणा ने एक वीडियो संदेश जारी कर सोशल मीडिया से ऐलान किया था कि 12 अप्रैल को आगरा में राणा सांगा की जयंती मनाई जाएगी।

26 मार्च की घटना को देखते हुए आगरा पुलिस गढी रामी में राणा सांगा की जयंती के आयोजन को अनुमति देने के लिए तैयार नहीं थी। इधर करणी सेना और आगरा के क्षत्रिय संगठन इसी जगह पर आयोजन करने पर अड़े हुए थे। अंततः सनातन महासभा के बैनर तले यह यह आयोजन होना तय हुआ और इसके लिए पुलिस ने भी अनुमति दे दी थी।

करणी सेना के देशव्यापी आह्वान के कारण हर राज्य में 12 अप्रैल को आगरा चलो की गूंज थी। जयंती समारोह के लिए कल से ही लोगों का आगरा पहुंचना शुरू हो गया था। इन्हें कार्यक्रम स्थल के आसपास ही मैरिज होम आदि में ठहराया गया था। राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग बसों द्वारा आगरा पहुंचे। ये लोग अपने साथ खान-पान का इंतजाम करके आए थे।

दोपहर से राणा सांगा जयंती का समारोह शुरू हो गया था जो शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज की एकजुटता पर जोर दिया।

करणी सेना अंतर्राष्ट्रीय के अध्यक्ष सूरज पाल सिंह अम्मू, क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह कालवी, महीपाल सिंह मकराना, करणी सेना के एक अन्य गुट के अध्यक्ष राज शेखावत, शेर सिंह राणा, वीर प्रताप सिंह वीरु, राजस्थान की करणी सेना नेता शीला गोगामेड़ी के अलावा अन्य क्षत्रिय नेताओं ने राणा सांगा की जयंती के अवसर पर समाज की एकता और सम्मान की बात की। उन्होंने समाज के युवाओं से संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

अन्य वक्ताओं ने सपा के सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर दिए बयान पर नाराजगी जताई और समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने समाज के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर भी अपने विचार साझा किए।​

SP_Singh AURGURU Editor