अहिल्याबाई होल्कर: नारी शक्ति और धर्म-संरक्षण की अद्वितीय मिसाल
आगरा। ताजगंज स्थित पुरानी मंडी चौराहा पर शनिवार को मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर भव्य आयोजन हुआ। पाल, बघेल और धनगर समाज के लोगों ने प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कर हवन किया और उनके संघर्षमयी जीवन पर प्रकाश डालते हुए गरीबों में फल व मिष्ठान वितरित किए। जयंती को श्रद्धा, सम्मान और समाजिक एकता के साथ मनाया गया।
-ताजगंज में बघेल, पाल और धनगर समाज ने माल्यार्पण कर जयंती मनाई, सार्वजनिक अवकाश की मांग
नरेंद्र बघेल बोले- नारी शक्ति की प्रतीक थीं अहिल्याबाई
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण, त्याग और धर्म संरक्षण की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी धैर्य और साधना के बल पर हिंदू समाज का नेतृत्व किया और हजारों मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दिया। वे एक कुशल प्रशासक और लोकसेवा की प्रेरणा थीं।
शिक्षा में शामिल हो जीवनी, हो सार्वजनिक अवकाश
समाज के लोगों ने मांग की कि प्रदेश सरकार अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करे और उनकी जीवनी को राजकीय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।
समारोह में सैकड़ों की भागीदारी
समारोह में प्रमुख रूप से भगत सिंह बघेल (अध्यक्ष, शेफर्ड इंटरनेशनल), राकेश धनगर, धीरज बघेल, डॉ. केएस वर्मा, रमेश डेरी वाले, हरि सिंह बघेल, बीधाराम धनगर, गुलाब सिंह धनगर, संतोष पाल, मुन्नालाल, बृजेश बघेल, लाखन सिंह बघेल, किशोर बघेल, पुनीत बघेल, अशोक धनगर, राकेश ताजगंज, पूर्व पार्षद संजय बघेल, अर्जुन बघेल और जीतू सहित समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।