पालीवाल पार्क में अराजकताः कौन पलट जाता है बेंचें, पार्टियां, गंदगी और न जाने क्या-क्या

आगरा। ताजमहल की नगरी में स्थित पालीवाल पार्क, जो कभी अपनी हरियाली, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध था, अब अराजकता और अव्यवस्था का पर्याय बनता जा रहा है। शहर का यह प्रमुख पार्क अब जुआ, शराबखोरी, तोड़फोड़, अवैध पार्टियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उत्पन्न गड़बड़ियों का अड्डा बन चुका है।

Jun 4, 2025 - 13:40
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पालीवाल पार्क में अराजकताः कौन पलट जाता है बेंचें, पार्टियां, गंदगी और न जाने क्या-क्या
  पालीवाल पार्क में उलटी पड़ीं बेंचें। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि पहले भी कई बार अराजक तत्व यह कर चुके हैं।

-आगरा के सबसे प्रतिष्ठित पार्क की हालत बद से बदतर, जिम्मेदार उद्यान विभाग के कर्मचारियों की शह के बगैर यह संभव नहीं

पालीवाल पार्क में यह बोर्ड इसकी देखरेख करने वाले उद्यान विभाग ने ही लगवा रखा है। इसमें वह सब अंकित है कि पार्क में क्या करना है और क्या  नहीं करना। पार्क में ही तैनात कर्मचारी जब इस बोर्ड पर अंकित नियमों की धज्जियां उडवाते हैं, पार्क में नियमित रूप से आने वाले लोग मन मसोस कर रह जाते हैं। 

फिर से पलटी गईं बेंचें, टूटी व्यवस्था

पार्क के अंदर विकसित की गई सहयोग वाटिका में वॊकर्स के लिए लगाई गई सारी बेंचें पिछले सप्ताह उलटी और क्षतिग्रस्त हालत में पाई गईं। सुबह और शाम को नियमित रूप से पार्क में भ्रमण करने वाले नागरिकों ने जब यह देखा तो वे आक्रोशित हो उठे। लोगों के आक्रोशित होने की एक वजह यह भी थी कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ था। कुछ-कुछ समय के अंतराल पर अवांछनीय तत्व पार्क के अंदर बेंचों को उलट-पलट जाते हैं। इससे कई बेंच क्षतिग्रस्त भी हो चुकी है। इस बार लोगों ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की। पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं हुआ।

स्थानीय लोग और वॉकर्स आरोप लगा रहे हैं कि यह सब पार्क की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सूर्यास्त के बाद पार्क में कुछ गलत न हो पाए, इसकी जिम्मेदारी यहां तैनात उद्यान विभाग के कर्मचारियों की होती है। लोगों का कहना है कि सूर्यास्त बाद की गतिविधियों में कर्मचारियों की ही मिलीभगत होती है।

रात में बनता है अराजक गतिविधियों का केंद्र

लोगों का कहना है कि सूर्यास्त के बाद रात के समय पार्क में आसपास की बस्तियों से आने वाले लोग जुआ खेलते हैं, शराब पार्टी करते हैं और कभी-कभी यहां झगड़े भी होते हैं। कर्मचारियों की अनदेखी और कुछ की सीधी संलिप्तता से यह सब बेधड़क चल रहा है।

बर्थडे पार्टी बनाम पिकनिक स्पॉट

पालीवाल पार्क में खाद्य व पेय पदार्थ लाने पर रोक है। इसके लिए पार्क के एंट्री गेट के अलावा अंदर भी जगह-जगह उद्यान विभाग द्वारा बोर्ड लगवाए गये हैं। इसके विपरीत पार्क के अंदर आएदिन 200 से 250 लोगों की बर्थडे पार्टियां और पिकनिक तक होती हैं, जिनमें खाद्य और पेय पदार्थ लाकर नियमों की खुली अवहेलना होती है। कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और बचा हुआ भोजन पार्क में ही छोड़ दिया जाता है, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

खुले में पेशाब, कर्मचारी बेपरवाह

पार्क में किस कदर अराजकता रहती है और कर्मचारी कितने बेपरवाह हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तमाम लोग पार्क के अंदर झाड़ियों आदि के पास खुले में पेशाब करते देखे जा सकते हैं। यह स्थिति महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अत्यंत असुविधाजनक और अस्वीकार्य हो जाती है।

टिकट व्यवस्था में बदलाव के पैदा हुईं समस्याएं

पालीवाल पार्क को व्यवस्थित रखने के लिए उद्यान विभाग ने तय किया था कि पार्क में प्रवेश के लिए सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक टिकट अनिवार्य होगी। पांच बजे दिन की रोशनी होती थी, इसलिए अराजक तत्वों को मनमानी करने का मौका नहीं मिल पाता था। अब उद्यान विभाग ने टिकट का टाइम सूर्योदय से एक घंटे पहले और सूर्यास्त के एक घंटे बाद तक कर दिया है। सूर्यास्त तक की आड़ लेकर ही अवांछनीय तत्व शहर के अंदर अवैध गतिविधियां करने में सफल हो रहे हैं।

जनता का विश्वास डगमगाया

पालीवाल पार्क न सिर्फ एक पर्यावरणीय धरोहर है, बल्कि हजारों लोगों की दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। यहां की अव्यवस्था और लचर प्रशासन ने लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। पालीवाल पार्क की बिगड़ती व्यवस्था पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई आवश्यक है। उद्यान विभाग और स्थानीय प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पार्क की व्यवस्था सुधारनी होगी, वरना यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल जल्द ही पूरी तरह अराजक तत्वों के कब्जे में चला जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor