पर्यटकों को परेशान मत करिए: सांसद नवीन जैन ने पुलिस को चेताया
आगरा। आगरा की अंतरराष्ट्रीय साख को बचाने के लिए राज्यसभा सांसद नवीन जैन सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में आगरा पुलिस कमिश्नर को एक कड़ा पत्र लिखकर शहर में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ ट्रैफिक पुलिस व होमगार्ड्स के कथित दुर्व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई है।
-ट्रैफिक पुलिस की मनमानी पर फूटा सांसद का गुस्सा, आगरा की छवि बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग
सांसद जैन ने पत्र में कहा कि पर्यटक जब ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल पर आते हैं तो उन्हें सम्मान मिलना चाहिए, न कि शक की नजरों से देखा जाना चाहिए। बार-बार निजी गाड़ियों को रोकना, पूछताछ के नाम पर डराना-धमकाना, यह सब आगरा की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।
पुलिस की जांच नहीं, स्वागत चाहिए
सांसद ने पत्र में लिखा कि हाल के दिनों में शहर के विभिन्न चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी और होमगार्ड बार-बार बाहरी नंबरों की निजी गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रोक रहे हैं, जिससे पर्यटक भयभीत हो रहे हैं और शहर की मेहमाननवाज़ी पर आंच आ रही है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की खुली मांग
नवीन जैन ने साफ शब्दों में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर आगरा को ‘पर्यटक अनुकूल शहर’ बनाना है, तो सबसे पहले पुलिस-प्रशासन को अपनी सोच बदलनी होगी।
‘पर्यटक मित्र’ प्रशिक्षण और हेल्पलाइन की जरूरत
सांसद ने पत्र में सुझाव दिया है कि ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड को सॉफ्ट स्किल्स, संवाद कौशल और टूरिस्ट गाइडेंस की ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही पर्यटक मित्र हेल्पलाइन’ की शुरुआत की जाए। शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों और चौराहों पर स्पष्ट दिशासूचक संकेतक लगाए जाएं। पर्यटकों को अलग लेन या प्राथमिकता मार्ग देने की व्यवस्था हो। इससे भ्रम और टकराव की स्थिति नहीं बनेगी।
आगरा की पहचान केवल ताजमहल नहीं, हमारा व्यवहार भी है
पत्र के अंतिम हिस्से में सांसद जैन ने लिखा कि व्यवहार से शहर की असली पहचान बनती है। पर्यटक ताजमहल तो हर जगह तस्वीरों में देख सकते हैं, लेकिन आगरा की आत्मा उन्हें यहां के लोगों और अधिकारियों के व्यवहार में महसूस होनी चाहिए।