विश्वदाय दिवस पर स्मारकों में निःशुल्क प्रवेश, पर्यटकों ने जाना आगरा का वैभव
आगरा। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था ने देश-विदेश से आए सैलानियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। विशेष आयोजन के अंतर्गत आगरा किला, ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा (सिकंदरा), मेहताब बाग, और रामबाग सहित सभी प्रमुख स्मारकों को संस्कृति और स्वागत की गरिमा से सजाया गया।
आगरा किला बना भव्य स्वागत स्थल
आगरा किला अतिथियों के स्वागत का मुख्य केंद्र बना। यहां विदेशी मेहमानों का परंपरागत तिलक, माला और ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। आगंतुकों को मुग़ल कालीन इतिहास, स्थापत्य कला और किले के भीतर की ऐतिहासिक कहानियों की जानकारी दी गई।
विदेशी पर्यटक संस्कृति, संगीत और आतिथ्य से अभिभूत दिखे। किले की गाइडेड टूर में उन्हें जहांगीरी महल, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और मुसम्मन बुर्ज का दर्शन कराया गया।
ताजमहल में दिखी पर्यटकों की भीड़
दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल पर भी इस विशेष दिवस पर पर्यटकों का तांता लगा रहा। निशुल्क प्रवेश का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, कॉलेज छात्र, देशी-विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे। ताजमहल की सफेद संगमरमर की भव्यता और उसकी प्रेम कहानी को जानकर सभी मुग्ध नजर आए। कई विदेशी पर्यटकों ने इसे “अद्भुत अनुभव” बताया।
फतेहपुर सीकरी ने भी मोहपाश में बांध लिया
मुग़ल सम्राट अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में भी विश्व धरोहर दिवस पर विशेष रौनक दिखी। बुलंद दरवाज़ा, दीवान-ए-खास, पंचमहल और शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में दर्शन करने वालों की भीड़ रही। स्थानीय गाइडों ने अकबर के प्रशासनिक ढांचे सहित अन्य एतिहासिक जानकारियां दर्शकों को दी।
सेन्ट एन्ड्रूज के विद्यार्थियों ने किया अतिथियों का स्वागत
विश्व बंधुत्व एवं ‘‘वसुधैवकुटुम्बकम’’ की भावना से विश्वदाय दिवस सेन्ट एन्ड्रूज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने जोश, उल्लास और उमंग के साथ मनाया। सेन्ट एन्ड्रूज स्कूल के विद्यार्थियों एवं एनसीसी कैडेट्स, एयर विंग ने विश्वदाय दिवस के उपलक्ष में ढोल नगाड़ों के साथ हर्षोल्लास से नाचते-गाते देशी-विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया। विद्यालय के सीएमडी डॉ. गिरधर शर्मा ने विश्वदाय रैली को हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। रैली में सभी ऐतिहासिक शासकों एवं महान विभूतियों जैसे मीरा बाई, झांसी की रानी, हुमायूँ, बाबर, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ, टोडरमल, राजा मान सिंह, बीरबल, तानसेन, नूरजहाँ, मुमताज महल, अनारकली, महाराणा प्रताप, महात्मागांधी, शिवाजी, डॉ. आम्बेडकर आदि के पारम्परिक स्वरूप शामिल थे।
आगरा किले के मुख्य गेट पर देशी एवं विदेशी सैलानियों का स्वागत भारतीय संस्कृति की परम्परा के अनुसार चन्दन तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर किया। ढोल-नगाडे़ की थाप पर पर्यटकों ने विद्यार्थियों के साथ ठुमके लगाकर, मस्त होकर नृत्य किया।
विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक महान विभूतियों की वेश-भूषा में रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संयोजन एनसीसी आफीसर आलोक वैष्णव ने किया। अंजना गुप्ता, प्रज्ञा भाटिया, मोहित वर्मा, यश गोयल, नुपुर बंसल एवं नितेश तिवारी आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं का योगदान रहा।