सम्भल में मसूद गाजी नेजा मेले के लिए ढाल नहीं लगने दी पुलिस ने
सम्भल। सैयद सालार मसूद गाजी की याद में यहां लगने वाले नेजा मेले के लिए ढाल और झंडा पुलिस ने नहीं लगने दिया। आज नेजा की ढाल लगनी थी, लेकिन पुलिस ने उस स्थान के गड्ढे को सीमेंट से भरवा दिया, जहां आज 40 फीट ऊंचा झंडा लगाया जाना था।
सैयद सालार मसूद गाजी को आक्रांता और लुटेरा बताते हुए सम्भल पुलिस ने इस बार उसकी स्मृति में यहां लगने वाले मेले की अनुमति नहीं दी थी। सम्भल के एएसपी श्रीशचंद्र ने धार्मिक नगर नेजा कमेटी के पदाधिकारियों को बुलाकर साफ-साफ कह दिया था कि उस सालार मसूद गाजी की स्मृति में मेला नहीं लगाने दिया जाएगा जिसने देश को लूटा था और सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था।
बता दें कि सम्भल में होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले नेजा मेले की ढाल स्थापित की जाती थी। नेजा की ढाल पर 40 फीट ऊंचा झंडा स्थापित किया जाता था। जिस स्थान पर नेजा की ढाल स्थापित की जाती रही है, वह नगर पालिका की है।
आज सुबह से ही इस स्थान पर भारी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में नेजा की ढाल के लिए खोदे गये गड्ढे को सीमेंट से भरवा दिया। यही नहीं, पुलिस ने इस स्थान पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।
धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने इस साल भी सैयद सालार मसूद गाजी की याद में होने वाले मेले का पूरा इंतजाम कर रखा था। मंगलवार (18 मार्च) को नेजा की ढाल स्थापित होने के बाद 25, 26 27 मार्च को यह मेला आयोजित किया जाना था।
एहतियात के लिहाज से आज पूरा सम्भल पुलिस छावनी बना हुआ था। पुलिस के एएसपी श्रीशच्द्र और सीओ अनुज चौधरी फोर्स के साथ पूरे शहर में राउंड लेते रहे। पुलिस की सख्ती देख कोई भी नेजा की ढाल स्थापित करने के लिए नहीं आया।
ज्ञातव्य है कि सैयद सालार मसूद गाजी की स्मृति में लगने वाले नेजा मेले का सम्भल के हिंदूवादी संगठनों ने यह कहते हुए विरोध किया था कि सालार मसूद गाजी आक्रांता था और उसने सोमनाथ मंदिर को लूटा था, इसलिए उसकी स्मृति में सम्भल में मेला नहीं लगना चाहिए। इसके बाद ही सम्भल पुलिस ने इस मेले के लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया था।