प्रिल्यूड पब्लिक स्कूलः ग्रीन विज़न और क्लीन मिशन, जहां शिक्षा और प्रकृति का अद्भुत संगम

आगरा। आधुनिक शिक्षा और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का दुर्लभ संतुलन स्थापित करते हुए दयालबाग स्थित प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल आज ग्रीन एजुकेशन का एक जीवंत उदाहरण बन गया है। न केवल शिक्षण में गुणवत्ता, बल्कि हरियाली, नवाचार और स्थिरता के प्रति इसकी समर्पित सोच ने इसे उत्तर भारत के सर्वोत्तम विद्यालयों में प्रतिष्ठित कर दिया है।

Jun 5, 2025 - 21:11
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प्रिल्यूड पब्लिक स्कूलः ग्रीन विज़न और क्लीन मिशन, जहां शिक्षा और प्रकृति का अद्भुत संगम

प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय सोच की मिसाल

-8.23 एकड़ के विद्यालय परिसर का 87% क्षेत्र हरियाली और खुली हवा के लिए समर्पित।

-वातावरणीय वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र द्वारा बच्चों को वास्तविक समय में पर्यावरणीय बदलावों की जानकारी।

-140 KVA के सौर ऊर्जा पैनल से विद्यालय की संपूर्ण बिजली आवश्यकता की पूर्ति, अतिरिक्त ऊर्जा बिजली बोर्ड को।

-स्टेडियम व हरित ग्राउंड, जो खेलों के साथ-साथ ऑक्सीजन जोन का भी कार्य करते हैं।

-ग्रीन कॉरिडोर में पेड़ों की देखरेख हेतु नामित छात्र; हर पेड़ एक पहचान।

-ग्रीन क्लब, इको टूरिज्म क्लब, और प्राकृतिक खेलों की ओर बढ़ता झुकाव – खो-खो, रस्साकशी जैसे देसी खेलों को बढ़ावा।

-प्लास्टिक मुक्त परिसर, हरित दीवारें, ऊर्जा दक्ष उपकरण और जल संरक्षण हेतु विशेष प्रयास।

-हरित जन्मदिन, उपहार में पौधे, और अखबार में उपहार लपेटने जैसे छोटे कदम, जो बड़ी सोच का परिचय देते हैं।

संस्थागत उपलब्धियों की लंबी सूची – सम्मान की श्रृंखला

-2018–2025: पाँच वर्षों से लगातार उद्यान पुरस्कारों में प्रथम, द्वितीय स्थान।

-30 जुलाई 2022: यूपी का पहला स्कूल जिसे ग्रीन स्कूल प्लैटिनम रैंकिंग मिली।

-2022-23: निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता को ग्रीन स्कूल राजदूत, ग्रीन गार्जियन अवार्ड, ग्लोबल वेलनेस एंबेसडर सम्मान प्राप्त।

-UN SDGs के प्रति पूर्ण निष्ठा – सतत विकास के लक्ष्य स्कूल के हर पहलू में साकार।

-2024 में ग्रीन स्कूल रैंकिंग में राष्ट्रीय तीसरा स्थान – 96/100 अंक पाकर देश को गौरवान्वित किया।

-2025 में मंडलीय फल व पुष्प प्रदर्शनी में दूसरा पुरस्कार – उत्कृष्टता की श्रृंखला जारी।

-G-20 प्रतिनिधि भ्रमण मार्ग सौंदर्यीकरण में प्रशासनिक सम्मान, विशेष योगदान हेतु सराहना।

प्रकृति आधारित शिक्षा का केंद्र 

-पाठ्यक्रम जैव विविधता, नवीकरणीय ऊर्जा, और संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता।

-अपशिष्ट प्रबंधन, खाद निर्माण, ई-कचरा पुनर्चक्रण जैसे प्रयोगशील कार्यक्रम।

-स्थानीय वनस्पतियों, परागण मित्र जीवों के संरक्षण के लिए जैविक पहलें।

-सीएनजी बसों, साइकिल और कार पूलिंग को बढ़ावा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कटौती।

SP_Singh AURGURU Editor