ग्रामीण सड़कों पर हादसे रोकने की तैयारी, ब्लैक स्पॉट होंगे चिन्हित, टोल प्लाजा पर मिलेंगी इमरजेंसी सुविधाएं
आगरा। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में हुई दुर्घटनाओं का डाटा परिवहन विभाग से साझा करे। सभी ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां सड़कों पर उचित मार्किंग, साइनेज, ब्रेकर व रिफलेक्टर लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाए।
-मंडलायुक्त ने मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए स्कूल बसों की जांच के निर्देश
सभी सड़क हादसों की जानकारी आईरेड एप में दर्ज की जाए। वहीं रोड सेफ्टी क्लब व शिक्षा विभाग मिलकर स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सड़क स्वामित्व वाले विभाग इंजीनियरिंग की खामियों को भी जल्द दुरुस्त करें।
बैठक में हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन का प्रयोग, नशे में ड्राइविंग, ओवर स्पीडिंग जैसे मामलों में की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। अप्रैल-मई में मंडल में 1356 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करते हुए लगभग 4 करोड़ का प्रमोशन शुल्क वसूला गया।
स्कूल बसों की होगी फिटनेस जांच
विगत दो माह में आगरा में 44 स्कूल बसों व 134 निजी स्कूली वाहनों पर कार्रवाई हुई है। अब चारों जनपदों में सभी स्कूल बसों की फिटनेस की जांच होगी। जिनकी फिटनेस सही न हो, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
146 लाइसेंस निरस्त, टोल पर टीम तैनात होगी
अप्रैल-मई में ही मंडल में 146 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। टूण्डला और गुराउ टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों की मॉनिटरिंग को लेकर परिवहन विभाग को टीम तैनात करने और फोटो सहित डाटा संकलन कर कार्रवाई करने के निर्देश मिले हैं।
गुड सेमेरिटन योजना को मिले बढ़ावा
गोल्डन ऑवर में घायलों की मदद करने वाले दो व्यक्तियों को प्रोत्साहन राशि दी गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि इस योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए। पोस्टमार्टम हाउस और सरकारी अस्पतालों में योजना से जुड़े बैनर लगाए जाएं।
डीआईजी ने दिए प्रवर्तन को मजबूत करने के निर्देश
बैठक में मौजूद डीआईजी शैलेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति धारणा और व्यवहार बदलने की जरूरत है। जागरूकता अभियान को सिर्फ स्कूलों तक सीमित न रखकर बड़ी कॉलोनियों में भी चलाया जाए। ई-रिक्शा के संचालन को लेकर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर कार्य करें।