एसएन मेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक छलांग: आगरा में पहली बार मस्तिष्क की डिजिटल एंजियोग्राफी सफल
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा ने न्यूरोवैस्कुलर चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। कॉलेज की पीएमएसएसवाई कार्डियक कैथ लैब में पहली बार डिजिटल सब्सट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। यह उपलब्धि न केवल कॉलेज बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र के लिए चिकित्सा सेवाओं में आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर है।
जटिल न्यूरोवैस्कुलर रोग की पुष्टि के लिए हुई जांच
यह प्रक्रिया एक ऐसे मरीज पर की गई जो दौरे की शिकायत के साथ अस्पताल आया था। प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों ने मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं की विकृति, विशेष रूप से सेरेब्रल आर्टिरियोवेनस मैलफॉर्मेशन की आशंका जताई। इसके बाद मरीज की विस्तृत जांच के लिए डीएसए आवश्यक मानी गई।
विशेषज्ञ टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस प्रक्रिया का सफल संचालन न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. तरुणेश शर्मा और कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. बसंत गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। यह पहली बार था जब आगरा में न्यूरो-इंटरवेंशन प्रक्रिया की शुरुआत हुई। इससे पूर्व ऐसे जटिल मामलों में मरीजों को दिल्ली या अन्य मेट्रो शहरों के लिए रेफर किया जाता था।
अब नहीं जाना पड़ेगा मेट्रो शहर
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस उपलब्धि को शहर के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, अब ब्रेन से जुड़ी जटिल बीमारियों की जांच और इलाज आगरा में ही संभव होगा। यह कदम क्षेत्रीय चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाएगा।
न्यूरो इंटरवेंशन की ओर पहला कदम
कॉलेज में अब इस मरीज में इंटरवेंशनल न्यूरोप्रोसीजर की योजना बनाई जा रही है, जो एसएन के लिए न्यूरोविज्ञान सेवाओं के विस्तार की नई शुरुआत होगी। यह इलाज कॉलेज की क्लिनिकल क्षमताओं को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की कतार में ला खड़ा करता है।
टीम व सहयोगी विभाग
यह सफलता न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी, और सर्जरी विभागों के समन्वय और कड़ी मेहनत से संभव हो पाई। इस प्रयास का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ मार्गदर्शक थे- प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, प्रो. डॉ. प्रशांत लवानिया, विभागाध्यक्ष, शल्य चिकित्सा और डॉ. गौरव धाकरे, विभागाध्यक्ष, न्यूरोसर्जरी।