23 साल बाद पुलिस के शिकंजे में आया कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर, निर्भय गुर्जर गैंग का था सदस्य

आगरा। आख़िरकार 23 साल की लम्बी तलाश के बाद आगरा पुलिस ने उस कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर उर्फ जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जो कभी अपहरण, लूट और डकैती जैसी सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहा है। अपराध की दुनिया में उसका नाम दस्यु सरगना निर्भय गुर्जर गैंग से जुड़ाव के कारण कुख्यात रहा।

Sep 29, 2025 - 18:45
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23 साल बाद पुलिस के शिकंजे में आया कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर, निर्भय गुर्जर गैंग का  था सदस्य
आगरा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर के बारे में जानकारी देते डीसीपी पूर्वी सैय्यद अली अब्बास।

आगरा। आख़िरकार 23 साल की लम्बी तलाश के बाद आगरा पुलिस ने उस कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर उर्फ जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जो कभी अपहरण, लूट और डकैती जैसी सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहा है। अपराध की दुनिया में उसका नाम दस्यु सरगना निर्भय गुर्जर गैंग से जुड़ाव के कारण कुख्यात रहा।

अपहरण की योजना बनाते हुए दबोचा

सूत्रों के मुताबिक, बबलू टाइगर इस बार एक दूध व्यापारी के अपहरण की योजना बनाने आया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और डौकी थाना क्षेत्र में की गई चेकिंग के दौरान उसे धर दबोचा गया। डीसीपी पूर्वी सैय्यद अली अब्बास ने इसकी पुष्टि की।

2002 से था फरार, निर्भय गुर्जर के मारे जाने के बाद गायब

डीसीपी ने बताया कि वर्ष 2002 में बबलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर राठेरी गांव निवासी हरिओम उर्फ कल्ला का अपहरण किया था। तभी से पुलिस उसे तलाश रही थी।
निर्भय गुर्जर के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद बबलू टाइगर अंडरग्राउंड हो गया और वर्षों तक पुलिस को चकमा देता रहा। वह लंबे समय तक बांदा जिले में रहकर अपनी पहचान छिपाए हुए था।

इनामी राशि 500 से पहुँची 50 हजार तक

शुरुआत में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर मात्र 500 रुपये का इनाम घोषित किया था। लेकिन जैसे-जैसे उसके अपराध बढ़ते गए और पुलिस की कोशिशें नाकाम होती गईं, इनामी राशि भी बढ़ती गई। पहले 25 हजार और अंततः यह राशि 50 हजार रुपये तक पहुंच गई।

खतरनाक गैंग का हिस्सा रहा

बबलू टाइगर सिर्फ एक अपराधी नहीं था बल्कि निर्भय गुर्जर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा। यह गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपहरण और रंगदारी की वारदातों के लिए बदनाम था। गैंग के कई कुख्यात सदस्य पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए, लेकिन बबलू 23 वर्षों तक गिरफ्त से बाहर रहा।

पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी

बबलू की गिरफ्तारी आगरा पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों की कड़ियाँ खुल सकती हैं और अपराध जगत को बड़ा संदेश जाएगा कि कानून से बच पाना नामुमकिन है।