सप्ताह में एक दिन कार से नहीं चलेंगे आगरा के उद्यमी, तेल बचाओ अभियान में उतरा नेशनल चैम्बर ने छेड़ी जनजागरण मुहिम, जिलाधिकारी से ‘कार फ्री डे’ घोषित करने की मांग
आगरा। बढ़ती ईंधन खपत, विदेशी मुद्रा पर बढ़ते बोझ और लगातार बिगड़ते पर्यावरणीय हालात के बीच अब शहर के उद्यमी और व्यापारी भी तेल बचाओ मुहिम में खुलकर उतर आए हैं। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में सप्ताह में एक दिन कार न चलाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इसके साथ ही उद्योगों और प्रतिष्ठानों तक कार पूलिंग के माध्यम से पहुंचने का अभियान भी शुरू किया गया।
चैम्बर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे तेल बचत अभियान को आगे बढ़ाते हुए विशेष पोस्टर का विमोचन किया गया। इस दौरान उद्यमियों, व्यापारियों और शहरवासियों से अपील की गई कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन अपनी कार का उपयोग न करें और साझा वाहन व्यवस्था अपनाएं।
देश हित सर्वोपरि, अब आदत बदलनी होगी
कार्यक्रम में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि वर्तमान समय में देश हर वर्ष भारी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, जिस पर करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। यदि नागरिक पेट्रोल की खपत में थोड़ी भी कमी लाते हैं तो राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बचत संभव हो सकती है।
उन्होंने कहा कि केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटी दूरी के लिए पैदल चलना, साइकिल का उपयोग करना और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार पूलिंग और साझा वाहन प्रणाली से तेल की खपत में भारी कमी लाई जा सकती है और इससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी से कार फ्री डे लागू करने की मांग
चैम्बर की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सप्ताह में एक दिन कार फ्री डे घोषित करने की मांग भी की गई है।
मनोज कुमार बंसल ने बताया कि चैम्बर के पदाधिकारियों ने इस अभियान की शुरुआत स्वयं से करने का निर्णय लिया है, ताकि समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमी और व्यापारी समूह बनाकर अपने उद्योग एवं प्रतिष्ठानों तक साझा वाहन से पहुंचने का प्रयास करेंगे।
कोविड जैसी गंभीरता से लेना होगा अभियान
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि देशहित सबसे ऊपर है और अब तेल बचत को जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि यदि कार स्वामी सप्ताह में केवल एक दिन भी अपनी कार न चलाएं तो लाखों लीटर ईंधन की बचत संभव है।
मनीष अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान हालात को कोविड काल जैसी गंभीरता से लेना चाहिए। जिस तरह कोविड के दौरान लोगों ने सामूहिक अनुशासन दिखाया था, उसी तरह अब ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने जानकारी दी कि चैम्बर द्वारा औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में विशेष कैम्प लगाकर परिवारों से सप्ताह में एक दिन कार न चलाने की अपील की जाएगी।
वाहन कम होंगे तो प्रदूषण भी घटेगा
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन बचत अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम होने से न केवल तेल की बचत होगी बल्कि शहरों में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा और स्वच्छ वातावरण का निर्माण होगा।
पोस्टर विमोचन में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनजागरण के लिए एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल के साथ उपाध्यक्ष नीतेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, शलभ शर्मा एवं संजय गोयल सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि समाज अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए तो देश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।