जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा शराब नीति केस से हुईं अलग, अब दूसरे जज करेंगे सुनवाई, अवमानना केस खुद सुनेंगी

 दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और दुर्गेश पाठक के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।

May 14, 2026 - 20:34
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जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा शराब नीति केस से हुईं अलग, अब दूसरे जज करेंगे सुनवाई, अवमानना केस खुद सुनेंगी

नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को बड़ा झटका लगा। सुनवाई के दौरान अदालत का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया, जब जस्टिस जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने खुलकर कहा कि 'मेरे चुप रहने का मतलब होगा कि मैं उनके डराने से डर गई, जो मैं नहीं करूंगी।' कोर्ट ने साफ किया कि न्यायपालिका पर की गई टिप्पणियों को ‘फेयर क्रिटिसिज्म’ नहीं माना जा सकता। हालांकि जस्टिस शर्मा ने शराब नीति केस से अलग होने का फैसला लिया, लेकिन अवमानना कार्यवाही उन्हीं के सामने चलेगी।

अदालत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई टिप्पणियां स्वीकार्य आलोचना की सीमा से बाहर थीं। इसके साथ ही कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक और संजय सिंह को आपराधिक मानहानि के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अवमानना कार्रवाई शुरू करने का आदेश दे दिया। अदालत की इस टिप्पणी और आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

यह मामला दिल्ली शराब नीति केस से जुड़ी सीबीआई की अपील और ईडी की याचिका से संबंधित है। जिन प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया, उनमें आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने जवाब दाखिल न करने के मुद्दे को गंभीरता से लिया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने उन आरोपों और टिप्पणियों पर भी कड़ा रुख दिखाया, जिन्हें न्यायपालिका और जज के खिलाफ अपमानजनक माना गया। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने संकेत दिए कि अदालत की गरिमा पर सवाल उठाने वाले मामलों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और इसी को देखते हुए अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया है।